. सरकार ने किसानों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के लिए शुरू की है योजना
. जल्द समस्या नहीं सुलझी तो किसान सरकार की योजनाओं और सुविधाओं से रह सकते हैं वंचित
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)।
सरकार ने किसानों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के लिए एग्री स्टैक योजना शुरू की है, लेकिन यह सुविधा आनी उपमंडल में किसानों के लिए परेशानी बन गई है। आनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनकी जमीन के खसरा नंबर एग्री स्टैक पोर्टल पर सर्च नहीं हो पा रहे है। इसके चलते उनका पंजीकरण अधूरा रह गया है। एग्री स्टैक पर पंजीकरण के लिए किसान की पहचान, जमीन का रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक जानकारियां अनिवार्य हैं। सरकार का दावा है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी, खेती को स्मार्ट और डिजिटल बनाया जाएगा। किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। विभाग ने सभी किसानों के लिए एग्री स्टैक पर पंजीकरण अनिवार्य बताया है और इसकी अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित की है। आनी क्षेत्र में अभी तक मात्र 1800 किसानों का ही एग्री स्टैक पर पंजीकरण हो पाया है, जबकि क्षेत्र में किसानों की संख्या करीब 10 हजार है। हजारों किसान अब भी इस पोर्टल पर पंजीकरण से वंचित हैं। इनमें से अधिकांश वे किसान हैं, जिनकी जमीन का खसरा नंबर पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में न तो वे स्वयं पंजीकरण कर पा रहे हैं और न ही विभागीय स्तर पर इसका कोई त्वरित समाधान सामने आ रहा है। स्थिति यह है कि एक ओर किसान तय समय सीमा को लेकर चिंतित हैं, वहीं विभागीय अधिकारी भी इस तकनीकी समस्या को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।
जिन किसानों का एग्री स्टैक में पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, विशेषकर जिनके खसरा नंबर सर्च नहीं हो रहे, उनकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। जल्द ही इसका समाधान निकाले जाने की उम्मीद है, ताकि सभी पात्र किसानों का एग्री स्टैक पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। -
निका राम, एसएमएस, कृषि विभाग आनी