आनी (कुल्लू)। हिमाचल किसान सभा आनी इकाई ने सोमवार को बाजार से लेकर बीडीओ कार्यालय आनी तक रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद खंड विकास कार्यालय आनी का मनरेगा को लेकर घेराव किया। किसान सभा के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर, सीटू सचिव पदम प्रभाकर और जिला परिषद लोकेंद्र ने रैली को संबोधित किया।
अध्यक्ष प्रताप ठाकुर ने कहा कि प्रशासन और विभाग का मनरेगा के काम को लेकर ढीला रवैया है। न ही प्रबंधन सही है। 2019-20 की शेल्फ को लैप्स किया जा रहा है। लोगों को रसीद भी नहीं दी जा रही है। लोकेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार मनरेगा को पंगु बनाने पर तुली है। मनरेगा के बजट में कटौती की जा रही है। विभागों में स्टाफ सिर्फ नाममात्र है। खंड विकास आनी में काफी समय से बीडीओ सहित कई अन्य पद रिक्त चले हैं। एक ग्राम रोजगार सेवक पांच पंचायत का काम देख रहे हैं। तकनीकी सहायक नाममात्र हैं। सीटू सचिव पदम प्रभाकर ने कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली सही नहीं है। अधिकतर पंचायतों में मनरेगा में अनियमितता हैं। भ्रष्टाचार हो रहा है। फॉर्म नंबर 6 भरने के बाद भी रसीद नहीं दी जा रही। अधिनियम 2005 को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। आने वाले समय में मनरेगा को लेकर लगातार संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर सचिव गीताराम, मिलाप, विजय, टिकम, हरविंद्र, वीर सिंह, हेमराज, राजेंद्र, टेकचंद और बेलीराम सहित अन्य मौजूद रहे।
किसान सभा ने ज्ञापन के माध्यम मांग की है कि वित्त वर्ष 2019-2020 की शेल्फों का कार्य पूरा हो। साल में 200 दिन मनरेगा काम मिले, तीन सौ रुपये न्यूनतम दिहाड़ी और 15 दिनों के अंदर मनरेगा मजदूरी मिले।