ठियोग में अतिक्रमण पर कार्रवाई करती संयुक्त विभागीय टीम। संवाद
ठियोग उत्सव के बाद सड़क और फुटपाथ पर सज रहा था कारोबार
प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान से अवैध रूप से बैठे लोगों में मचा हड़कंप
फुटपाथ और सडक़ किनारे हुई कार्रवाई पर लोगों ने जताई खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
ठियोग शहर में सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें सजाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। यह कार्रवाई पेट्रोल पंप से जुनोग घाट तक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई। प्रशासन ने पहली बार केवल सामान हटाने के निर्देश देने के बजाय मौके से सामान जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान दो गाड़ियों में सामान भरकर प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया। तहसीलदार वरुण गुलाटी, नायब तहसीलदार अंशुल गुलाटी, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अजय गाजटा, नगर परिषद की रीना शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के राजन शर्मा और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान को अंजाम दिया। पेट्रोल पंप के पास से कार्रवाई शुरू होते ही अवैध रूप से बैठे कब्जाधारियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि प्रशासन और नगर परिषद की टीम ने सख्ती बरतते हुए सड़क और फुटपाथ पर रखा सामान हटाकर वाहनों में लोड किया और उसे जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान टैटू बनाने वालों और झोलाछाप डॉक्टरों से संबंधित सामान भी प्रशासन ने जब्त किया। इस समस्या को लेकर अखबार में भी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके अगले ही दिन प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की और सड़क पर नियमों के विरुद्ध कारोबार सजाने वालों का सामान जब्त किया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि फुटपाथ और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण आम राहगीरों को रोजाना परेशानी होती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर की अन्य सड़कों और फुटपाथ को भी इसी तरह अतिक्रमणमुक्त करवाया जाए और दोबारा कब्जा करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए। प्रशासन के इस अभियान से साफ संकेत मिला है कि अब केवल अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देने के बजाय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जब्ती जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान चलने की उम्मीद है।
राहगीरों के लिए परेशानी बना था शहर में हुआ अतिक्रमण
पेट्रोल पंप से जुनोग घाट तक सड़क के किनारे और फुटपाथ पर कई लोगों ने अवैध रूप से दुकानें और अन्य गतिविधियां संचालित कर रखी थीं। इसके चलते पैदल चलने वाले राहगीरों को फुटपाथ का इस्तेमाल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और उन्हें मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता था। स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई जा रही थी।