गवाह मुकरे, आरोपी के बाइक चलाना नहीं हुआ साबित
निरसू के पास हुए हादसे में थी एक की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर बुशहर की अदालत ने 12 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी को बरी किया है। मामले में गवाह अदालत में मुकर गए। इससे साबित नहीं हो पाया कि आरोपी बाइक चला रहा था। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान गई थी।
हादसा 1 मई 2013 की रात को हुआ था। निरसू के पास नेशनल हाईवे 22 पर बाइक सड़क पर संतुलन बिगड़ने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में राजेंद्र राणा निवासी उत्तराखंड और महादेव नेपाली घायल हुए। बाद में महादेव नेपाली की मौत हो गई। पुलिस ने राजेंद्र राणा के खिलाफ जांच पूरी होने पर आईपीसी की धारा 279, 337, 338, 304-ए और मोटर वाहन एक्ट की धारा 181 और 185 के तहत चालान तैयार कर अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों को पेश किया।
अदालत ने फैसला दिया है कि मामले में गवाह मुकर गए। अभियोजन पक्ष साबित करने में विफल रहा है कि यह दुर्घटना आरोपी की गलती के कारण हुई थी और दुर्घटना के समय आरोपी बाइक चला रहा था। इसके अलावा, अभियोजन पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि दुर्घटना के समय आरोपी शराब के नशे में और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के मोटरसाइकिल चला रहा था। इसके चलते अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।