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Rampur Bushahar News: 70 वर्षीय बुजुर्ग ने टैंक में कूदकर बचाई ढाई वर्षीय बच्चे की जान

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ठियोग 70 वर्षीय मोहन लाल ने टैंक में डूबे अढ़ाई वर्ष के बच्चे की बचाई जान। संवाद
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ठियोग का मामला, घर के पास खेलते हुए टैंक में जा गिरा था बच्चा
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बड़ोग पंचायत से टैंक पर छत लगाने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी

ठियोग (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल की बड़ोग पंचायत के चलावली गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पानी के टैंक में कूदकर ढाई साल के बच्चे की जान बचाई। बुजुर्ग मोहन लाल समय रहते बचाव न करते, तो कोई अनहोनी हो सकती थी। क्षेत्र में मोहन लाल की काफी चर्चा हो रही है।
बच्चे के पिता सुरेश वर्मा ने बताया कि उनका बेटा रेहान वर्मा घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान घर के पास बने पानी के टैंक में जा गिरा। यह टैंक सार्वजनिक रूप से ग्रामीणों ने बनवाया है। इसका इस्तेमाल सिंचाई और अन्य कार्यों के लिए किया जाता है। सुरेश ठियोग में एक कैंटीन चलाते हैं। घटना के समय सुरेश की माता और उसकी पत्नी उर्मी देवी घर पर थीं। टैंक की ऊपर वाली जगह खुली होने के कारण रिहान टैंक में गिर गया। रिहान के गिरने के आवाज सुनकर रिहान की मां और दादी मौके पर पहुंचे। उनके शोर मचाने से आसपास घरों की महिलाएं इकट्ठा हुईं। इस दौरान किसी घर में कोई पुरुष नहीं था। महिलाएं साथ लगते रास्ते पर मदद की गुहार लगाने लगीं। स्थानीय ग्रामीण मोहन लाल किसी काम से अपने घर से बाहर जा रहे थे। उन्होंने शोर सुना तो तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि एक छोटा बच्चा पानी से आधे भरे टैंक में गिर गया है। उन्होंने बिना कुछ सोचे टैंक में छलांग लगा दी। करीब 12 फीट गहरे टैंक में छलांग लगाकर उन्होंने बच्चे को कंधे पर उठाकर किसी तरह बाहर निकाला। बच्चा बेहोशी की हालत में था। उन्होंने बच्चे का पेट दबाते हुए बच्चे को उलट-पलट करते हुए होश में लाने की कोशिश की।
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कुछ देर बाद उनकी यह कोशिश रंग लाई और बच्चे के पेट में भरा पानी उल्टी के जरिये बाहर निकल आया। स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चे को सिविल अस्पताल ठियोग पहुंचाया, जहां डाॅक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई। स्थानीय लोगों ने पंचायत से टैंक की फेंसिंग करने और इस पर छत लगाने की मांग उठाई है। पंचायत प्रधान मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि बच्चे की जान बचाने वाले मोहन लाल ने बहादुरी का काम किया है।
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