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Rampur Bushahar News: सड़क पर पानी की निकासी के लिए वैज्ञानिक और स्थायी ड्रेनेज की हो व्यवस्था

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गांव पानी में डंगा और सड़क की मरम्मत नहीं, निकासी की हो उचित व्यवस्था : कपाटिया
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30 लाख का डंगा ढहने पर संस्था ने उठाए सवाल, बीते वर्ष भी 9 माह तक बंद रही थी सडक़
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरपारा पंचायत को गांव पानी में जोड़ने वाली सड़क 26 दिन से यातायात ठप पड़ा है। सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा का कहना है कि यहां केवल डंगा और सड़क की मरम्मत ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पानी की निकासी के लिए वैज्ञानिक एवं स्थायी ड्रेनेज की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग से समय रहते पानी की निकासी सुनिश्चित करने और ग्रामीणों को सुचारु यातायात सुविधा देने की मांग की है। सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संस्था सरपारा के अध्यक्ष जगत कपाटिया ने बताया कि सरपारा पंचायत को जोड़ने वाली सड़क में करीब 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित डंगा भारी बरसात के बाद पूरी तरह नीचे बैठकर क्षतिग्रस्त हो गया है और सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे सरपारा पंचायत का संपर्क टूट गया है। सड़क बंद हुए करीब 26 दिन बीते चुके हैं। वर्तमान स्थिति को देखकर लग रहा है कि सड़क 9 से 10 माह तक बंद रहेगी। बीते वर्ष भी यह सड़क 8-9 माह तक बंद रही थी। संस्था ने बरसात से पहले ही इस स्थान पर जल निकासी और डंगे की सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग को अवगत करवाया था। संस्था एक प्रतिनिधिमंडल लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता से भी मिल चुका है। यहां भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में डंगे के ऊपर से आने वाले चश्मे के पानी और बरसाती पानी की निकासी के लिए आवश्यक ट्रेंच एवं ड्रेनेज कार्य बरसात से पहले करवाने का आग्रह किया था, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण डंगा ध्वस्त हो गया है और ग्रामीण आवाजाही में परेशानी झेल रहे हैं। दोनों विभागों को पत्र देकर इस पूरे मामले को आपसी समन्वय से देखने का आग्रह किया था। इस संबंध में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ई-मेल के माध्यम से भी मामले से अवगत करवाया था। उन्होंने विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र के माध्यम से इस मामले को तुरंत देखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस है। कपाटिया ने कहा कि सड़क लंबे समय तक बंद रहने से ग्रामीणों के दैनिक आवागमन, आवश्यक सेवाओं, स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब इसका असर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों पर भी पड़ने की आशंका है। 16वें वित्त आयोग, वीबी-जीरामजी और अन्य योजनाओं के तहत प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों के लिए निर्माण सामग्री, मशीनरी और अन्य संसाधन पहुंचाना कठिन होने से कार्यों में विलंब हो सकता है। उन्होंने जनहित को देखते हुए पानी की उचित निकासी और यातायात बहाली की मांग उठाई है।
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लोक निर्माण विभाग सराहन के सहायक अभियंता राहुल जंजीहा ने कहा कि वर्ष 2024 से गांव पानी में भूमि धंसाव की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद सड़क बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।
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