अदालत ने कहा, किरायेदार मकान मालिक को उसकी जरूरत के बारे में निर्देश नहीं दे सकता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अदालत ने रामपुर बुशहर में एक दुकान को खाली कारवाने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता महिला को तीन महीने के भीतर दुकान का कब्जा मिलेगा। अदालत ने महिला की ब्यूटी पार्लर चलाने की वास्तविक जरूरत को सही पाया है। दुकान की मालिक महिला ने किरायेदार महिला के खिलाफ दुकान खाली करवाने की याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता महिला ने यह दुकान साल 2013 को खरीदी थी। एक अन्य महिला 2013 से पांच हजार रुपये मासिक किराये पर इसमें सिलाई की दुकान चला रही थीं। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्हें अपने ब्यूटी पार्लर के लिए दुकान की जरूरत है। किरायेदार ने याचिका का विरोध किया। याचिकाकर्ता महिला ने अदालत में गवाही दी कि वह अपनी दुकान में ब्यूटी पार्लर का कारोबार शुरू करना चाहती हैं। उनका उद्देश्य परिवार के लिए अतिरिक्त आय अर्जित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रामपुर शहर में उनके पास कोई अन्य आवासीय या गैर आवासीय संपत्ति नहीं है। अदालत ने उनके इस दावे को वास्तविक जरूरत माना। किरायेदार महिला ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता दुकान को अधिक किराये पर देना चाहती हैं। हालांकि, अदालत ने इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं पाया। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किरायेदार मकान मालिक को उसकी जरूरत के बारे में निर्देश नहीं दे सकता।