. भव्य कोठी में काष्ठकुणी शैली में लकड़ियों की नक्काशी और पत्थरों का किया है इस्तेमाल
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. 18 फरवरी से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम, 10 देवता करेंगे शिरकत
. धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियों में जुटी मंदिर समिति
गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)। परशुराम की चार ठहरियों में शुमार लैयापुरी प्राचीन नाम से प्रसिद्ध दोगणू देवता साहिब लालसा की नवनिर्मित कोठी का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम फरवरी में तय हो चुका है। नवनिर्मित कोठी के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में क्षेत्र के 10 देवता शिरकत कर शोभा बढ़ाएंगे। मंदिर समिति देवता साहिब दोगणू ने प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से देवता साहिब दोगणू का भव्य मंदिर तैयार हुआ है। मंदिर की भव्य कोठी में काष्ठकुणी शैली में लकड़ियों की नक्काशी और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर समिति प्रधान शीश शर्मा और उप प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य में अधिकतर लकड़ी और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण कार्य के लिए बाहरी क्षेत्रों से कारीगर और प्रतिष्ठित मंदिरों में कार्यरत मैसन की सेवाएं ली गईं। उन्होंने कहा है कि मंदिर निर्माण कार्य को सुचारु रूप से चलाने और पूर्ण करने में दशोटी के लोगों का सहयोग मिला। पंचायत क्षेत्र लालसा में अधिकांश लोग नौकरीपेशा हैं। यही नहीं कुछ लोग तो देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में काम करते हैं। सभी के सहयोग और मंगला काली माता, देवता साहिब के आशीर्वाद से इस पुनीत कार्य को अंजाम दिया गया है। कोठी का निर्माण कार्य लोगों की ओर से एकत्रित किए गए फंड से ही पूर्ण किया गया है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का 18 फरवरी, 2026 को जल यात्रा से शुभारंभ होगा। 19 फरवरी को पाठ और 20 को भी पाठ आयोजित होंगे। 21 फरवरी दोपहर को जाइयों-भांजों का धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए भव्य स्वागत किया जाएगा। शाम को देवताओं का वाद्य यंत्रों की धुनों पर मंदिर समिति और देवता दोगणू की अगुआई में परंपराओं का निर्वाह करते हुए अभिनंदन होगा।
ये देवता करेंगे शिरकत
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में चार ठहरी के देवता दमुख देवता साहिब जाहरूनाग शनेरी, योगेश्वर शिंगला, कालेश्वर छिज्जा देवठी, लक्ष्मी नारायण कुमसू शिलादेश के देवता, दरकाली, सेरी-मझाली और थेडा महासू शिरकत करेंगे। मंदिर समिति ने कहा कि सभी देवताओं को निमंत्रण भेज दिए गए हैं।