संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। रोहड़ू बाजार के पास समाला बस्ती में बिहार के मजदूर सुरेंद्र पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब आत्महत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-108 और 127(2) के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पहले मामले को सामान्य आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा था। 12 अप्रैल को मजदूर सुरेंद्र पटेल अपने कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था। वह रोहड़ू में कारीगर के रूप में मजदूरी करता था। मौत के बाद पुलिस आत्महत्या मान रही थी। मजदूर के एक साथी ने खुलासा किया कमरे में बाहर से सुबह ताला लगा था, जब वह पंखे से लटका पाया गया। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के साथी ध्यानी कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सुरेंद्र पटेल को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है है कि उसे जुब्बल क्षेत्र से लाकर समाला स्थित एक घर में रखा गया, जहां उसे बंद करके उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे मानसिक दबाव में रखा गया। घटना से पहले सुरेंद्र पटेल ने अपनी पत्नी से बात की थी, जो अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है। वहीं, मृतक का मोबाइल फोन गायब होना भी कई सवाल खड़े कर रहा है, जिससे मामले में साजिश की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस ने साथी की शिकायत के आधार पर आरोपी सोनू ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, मजदूर पुलिस पर मामले को दबाने और साक्ष्य छुपाने जांच गंभीरता से नहीं करने के आरोप भी लगा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य के आधार पर सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतक के साथियों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आएगी।