निगुलसरी में भूस्खलन होने पर भी किन्नौर जाने वाला यातायात नहीं होगा बंद
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पौंडा में सतलुज पर पुल स्थापित कर बनाया वैकल्पिक मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
किन्नौर के पौंडा में सतलुज पर 200 फीट लंबा बेली ब्रिज दस दिन बनाकर तैयार कर दिया है। इस पुल के निर्माण में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आई है। बरसात के दौरान भूस्खलन प्रभावित निगुलसरी में नेशनल हाईवे-पांच बाधित होने पर इस बेली ब्रिज को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह बेली ब्रिज एनएच का विकल्प बन गया है। वैकल्पिक मार्ग बनने से भूस्खलन के दौरान किन्नौर और तिब्बत सीमा तक जाने वाला यातायात चलता रहेगा। इस ब्रिज को स्थापित करके लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग के सहायक अभियंता भीम सेन नेगी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने अपने सुपरविजन में यह 117 वां बेली ब्रिज स्थापित किया है। निगुलसरी में नेशनल हाईवे-पांच पर बीते कुछ साल से लगातार भूस्खलन हो रहा है। बरसात और सेब सीजन में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने वैकल्पिक मार्ग बनाने का निर्णय लिया। सहायक अभियंता भीम सेन नेगी ने अपने सुपरविजन में कुमारसैन से काजा तक 117 बेली ब्रिज सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं, जो उनके अनुभव और कार्यकुशलता को दर्शाते हैं। कुमारसैन से काजा तक के लोग भीम सेन नेगी की बेली ब्रिज निर्माण में महारथ के कायल हैं।
सहायक अभियंता भीम सेन ने अपने सुपर विजन में लगाया 117वां बेली ब्रिज
मेकेनिकल विंग के सहायक अभियंता रिकांगपिओ भीम सेन नेगी ने बताया उनकी टीम ने कुमारसैन से काजा तक 117 बेली ब्रिज स्थापित किए हैं। 117वां बेली ब्रिज नेशनल हाईवे-पांच के वैकल्पिक मार्ग में सतलुज नदी के ऊपर बनाया है। इस बेली ब्रिज के निर्माण में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत आई है। अब बरसात के दौरान निगुलसरी में भूस्खलन होने से किन्नौर की आवाजाही बंद नहीं होगी।