रामपुर बुशहर। रामपुर के पास सतलुज नदी के किनारे ब्रौ पुल और नदी के किनारे स्थानीय पुलिस तमाशबीन बनकर पानी में पड़ी लाश को देखती रही। स्थानीय लोग लाश को निकालने के लिए काफी दूर तक पीछा करते रहे ताकि लाश को किनारे लगाया जा सके।
सुबह करीब 11 बजे जैसी ही सतलुज के तेज बहाव में लाश को बहता हुआ देखा गया तो ब्रौ पुल और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई की। मौके पर पुलिस के कई जवान वर्दी में पहुंच गए थे। कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। इनमें से अधिकांश पुलिस कर्मी तमाशबीन बनकर देख रहे थे। सतलुज केकिनारे कुछ लोग बांस के लंबे डंडे लेकर लाश को निकालने के लिए लाश का पीछा करते रहे। करीब आधा किलोमीटर दूर तक लोगों ने पीछा किया और फिर नदी के किनारे लगाया। इस दौरान एक नेपाली मूल का तैराक नदी में कूदा और लाश को किनारे लगाया। इसके बाद मौके पर मौजूद दो अग्निशमन कर्मी मदद से सतलुज के किनारे पहुंचे।
इसके बाद लाश को कंधा देने के लिए भी चौथे कंधे की जरूरत पड़ी तो एसडीएम दलीप नेगी को यहां तक कहना पड़ा कि लाश को उठाने के लिए लोग तो मदद को आगे आएं। इसके बाद उनकी नजर एक अग्निशमन कर्मी पर पड़ी तो उसे स्ट्रेचर उठाने को भेजा। तब जाकर मुश्किल से चौथा कंधा मिल पाया। लाश को स्ट्रेचर पर लाने वालों में उपमंडल अग्निशमन अधिकारी केशव राम नेगी, नरजीत, अशोक कुमार और अनुज गौतम शामिल थे। रामपुर के उपमंडल अग्निशमन अधिकारी केशव राम ने बताया कि लाश को नदी से सड़क लाने में उनके विभाग के कर्मचारियों मदद की है।