रोहड़ू। स्कूल में शरारत के बाद शिक्षक की चेतावनी से परेशान छात्रा प्रीति घर लौटते समय एक छात्र को आत्महत्या की बात कह चुकी थी। मौत के बाद छात्रा के साथ स्कूल वाहन में बैठे सहपाठियों ने इसका खुलासा किया है। चार वर्ष में छात्रा अपनी कक्षा में टापर रही थीं।
छात्रा प्रीति की स्कूल में शिक्षक ने एक कागज के चिट पर लिखी शरारत मौत के कुछ घंटे पहले ही पकड़ी थी। छात्रा के साथ स्कूल में अभी तक मारपीट की बात कोई सामने नहीं रख रहा है। लेकिन, शिक्षक ने स्कूल में शरारत के बाद छात्रा प्रीति की डायरी में अभिभावकों को नोट लिखा था। नोट में अभिभावकों से स्कूल पहुंच कर छात्रा की शरारत की जानकारी लेने को कहा गया था। साथ में चेतावनी भी दी गई थी कि यदि अभिभावक स्कूल नहीं पहुंचे तो छात्रा को स्कूल से निकाल दिया जाएगा। पूरे स्कूल में अभी तक टापर रही छात्रा प्रीति को शिक्षक की यही चेतावनी मानसिक रूप से परेशान करती रही होगी। उसके बाद रास्ते में भी छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। शिक्षकों तथा छात्रों के सामने अपनी फजीहत से परेशान होने के डर से स्कूल की टापर छात्रा ने खुदकुशी का निर्णय लिया होगा। प्रारंभिक जांच में पुलिस भी यही मान रही है।
छात्रा प्रीति के पिता कलग राम का कहना है कि बच्चों की फीस समय पर नहीं पहुंचती तो प्रबंधन की ओर से फोन पर तुरंत सूचित किया जाता है। उन्होंने कहा यदि छात्रा ने स्कूल में कोई गलती की तो उसकी सूचना फोन पर क्यों नहीं दी गई? डायरी में स्कूल से निकालने का नोट लिख कर छात्रा ने आत्महत्या की है। कलग राम का कहना है कि उनकी बेटी को मानसिक रूप से परेशान किया गया, इसलिए उसने आत्महत्या का कदम उठाया है। आरोप लगाया कि मामले को रफादफा करने की कोशिश की जा रही है। बेटी की मौत के लिए स्कूल प्रबंधन दोषी है।