रामपुर बुशहर। पूर्व मंत्री सिंघी राम समेत सात लोगों के निष्कासन का मामला गरमाने लगा है। निष्कासन के विरोध के बाद पंचायत समिति और ब्लाक कांग्रेस के पदाधिकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बचाव में आगे गए हैं। निष्कासन के विरोध पर टिप्पणी करते हुए पंचायत समिति उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर और ब्लाक कांग्रेस प्रवक्ता कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि निष्कासित कार्यकर्ताओं ने चुनाव में न केवल पार्टी के विरोध में काम किया, बल्कि भाजपा प्रत्याशी समेत अन्य पदाधिकारियों के साथ उनकी बैठकें भी हुई हैं। इसके ब्लाक कांग्रेस के पास पुख्ता सुबूत हैं। पंचायत समिति उपाध्यक्ष ने अनुसूचित जाति कल्याण परिषद के पदाधिकारियों से पूछा है कि अगर निष्कासित लोेगों ने पार्टी के विरोध में काम नहीं किया है तो बताएं कि कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में उन्होंने क्या काम किया? उन्होंने परिषद पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी खासकर वीरभद्र सिंह के खिलाफ अनापशनाप बयानबाजी से बाज आए, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाया जाएगा। कांग्रेस कमेटी ने इन कार्यकर्ताओं को निष्कासित करके कोई गलत फैसला नहीं लिया। ये पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे, तभी इनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई। पूर्व मंत्री सिंघी राम समेत सात लोगों को निष्कासित किए जाने का अनुसूचित जाति कल्याण परिषद के पदाधिकारियों ने विरोध किया था। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई करार देते हुए कार्यकर्ताओं की बहाली की मांग की थी। इधर, पंचायत समिति और ब्लाक कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा यह कहने से कि उनके पास पुख्ता सुबूत हैं, तो ऐसे में तकरार और बढ़ने की संभावना है।