सीजन के पहला हिमपात, दो दर्जन सड़कें बंद
जीरो डिग्री सेल्सियस पहुंचा पर्यटन स्थल कल्पा का तापमान
रविवार को मौसम खुलने के बाद पटरी पर नहीं लौटा जनजीवन
सड़कें बहाल करने को लोनिवि ने लगाईं मशीनें और 200 मजदूर
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। सीजन के पहले हिमपात से जनजातीय जिला किन्नौर में जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बर्फबारी के तीसरे दिन रविवार को जिले में मौसम साफ बना रहा, लेकिन शुक्रवार रात से शनिवार रात तक हुई बर्फबारी के कारण जिले के अधिकतर ग्रामीण रूट यातायात के लिए बाधित हो गए हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लोक निर्माण विभाग ने बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए करीब 8 मशीनें और 200 मजदूरों को तैनात किया है, जो युद्धस्तर पर सडक़ों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
रविवार को मौसम साफ होने के बाद भी जिला किन्नौर के लोगों को कुछ हद तो राहत मिली है, लेकिन जिले में ठंड का प्रकोप काफी बढ़ गया है। रविवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 1.5 और न्यूनतम तापमान 0.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सांगला का अधिकतम 3.5 और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह तक दोपहर बाद निगम की बसों की आवाजाही हो सकी है। नेशनल हाईवे पांच पर पांगी नाले से लेकर पूह तक पांगी और काषंग के बीच दो जगह, स्पीलो और पूह के बीच तीन जगह, किरण खड्ड, शासो के पास पहाड़ी से चट्टानें खिसकने के कारण एनएच पांच भी कई घंटों तक बाधित रहा। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की 4 मशीनों और 50 मजदूरों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए दोपहर बाद पूह तक यातायात के लिए बहाल कर दिया है। रविवार को पूह, बड़ा कंबा, बारंग, पांगी, रोघी, चारंग, छितकुल, आसरंग, हांगो, समदू, नेसंग, रोपा, काफनू, कानम, रक्षम, रल्ली, ठंगी, करला, मूरंग, लिप्पा, ठोपन, रिब्बा सहित जिले के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण रूटों पर भारी बर्फबारी के कारण वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई।
पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी देवीदत्त भारद्वाज ने बताया कि बर्फबारी और फिसलन के चलते बसों को नहीं भेजा जा सका है। सड़कों की हालत सुधरते ही बसों की आवाजाही संभव होगी। वहीं इस संबंध में लोक निर्माण विभाग कल्पा के एसडीओ अशोक नेगी, अधिशाषी अभियंता भावानगर आरएल चौहान ने बताया कि कल्पा और पूह खंड में बर्फबारी के बाद करीब दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हुई हैं। ग्रामीण रूट बहाल करने के लिए विभाग ने 8 मशीनें और 200 के करीब मजदूर तैनात किए हैं।