आनी (कुल्लू)। बरसों से पेयजल समस्या से जूझ रहे हजारों निरमंडवासियों के लिए अच्छी खबर है। यहां की करीब दस पंचायतों की प्यास बूझाने के लिए 32 करोड़ रुपये के बजट से तैयार की गई योजना को करीब एक माह पूर्व नाबार्ड के तहत मंजूरी मिल चुकी है। आचार संहिता हटते ही योजना सिरे भी चढ़नी शुरू हो जाएगी। निरमंड के अधिकतर क्षेत्रों में लोग भारी पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए लोग भी विभाग के कार्यालयों के बाहर चक्कर काटते रहते हैं। कई क्षेत्रों में दूर-दूर से पीठ पर उठाकर पानी घर तक पहुंचना पड़ता है।
क्षेत्र में लगातार जल स्रोतों में आ रही भारी गिरावट चिंता का विषय है। अधिकतर प्राकृतिक चश्मे सूख चुके हैं, जिससे क्षेत्र के लोग भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। उसकी पूर्ति के लिए विभाग की ओर से एक बहुत बड़ी योजना तैयार की गई। इसे अब स्वीकृति मिलने के बाद जल्द पूरा किया जाएगा। उधर, भालसी पंचायत के प्रधान विदेश निगम का कहना है कि निरमंड के अधिकतर क्षेत्र की जनता पेयजल संकट से जूझ रही है। योजना के जल्द सिरे चढ़ जाने के बाद यहां की जनता को पेयजल सुविधा मिलेगी।
योनजा के लिए लगेंगी दो लिफ्ट : अरविंद
लोनिवि के एक्सईन आनी अरविंद वर्मा का कहना है कि निरमंड की दस प्रभावित पंचायतों की पेयजल संकट को दूर करने के लिए कुर्पण खड्ड से निरमंड के वाम क्षेत्र योजना के लिए डीपीआर को स्वीकृति एक माह पहले मिल चुकी है। इस पर आचार संहिता के हटते ही काम शुरू होगा। नाबार्ड के तहत इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए 32 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कुर्पण खड्ड से योजना के लिए पानी बागीपुल के पीछे तक ग्रेवटी के माध्यम से उठाया जाएगा। इसमें दो लिफ्ट दी जाएगी, जिसके माध्यम से दस पंचायतों को पानी की सप्लाई मिलेगी। निरमंड की भालसी, तवार, निरमंड, पोषणा, तुनन सहित दस पंचायतों की हजारों जनता लाभान्वित होगी।