रिकांगपिओ बस अड्डे में 16
वर्षों से नहीं बना क्लॉक रूम
जिले के हजारों लोगों सहित पर्यटक झेल रहे परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में हिमाचल पथ परिवहन निगम के बस अड्डे पहुंचने वाले यात्री और पर्यटक बीते 16 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हैं। बीते कई वर्षों से हजारों यात्रियों को सुविधा देने वाले बस अड्डे में क्लॉक रूम तक की व्यवस्था नहीं हो पाई है। रिकांगपिओ में कैंटीन चला रहे नेगी का कहना है कि यहां वर्षों से क्लॉक रूम की व्यवस्था नहीं हो पाई है, इसलिए यात्री अपना सामान अपनी कैंटीन में सुरक्षित समझता है। दूसरी तरफ बस अड्डा इंचार्ज देवीदत्त का कहना है कि कई सालों से यहां क्लॉक रूम नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि यहां पहुंचने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई जाए।
अपर किन्नौर से आए अमर, सिकंदर, नरोतम, सपना, लोकेंद्र थापा, दिनेश और ईश्वर सहित अन्य यात्रियों ने कहा कि क्लॉक रूम की सुविधा न होने के कारण आए दिन यहां यात्रियों को परेशान देखा जा सकता है। क्लॉक रूम न होने के कारण यात्री या तो सामान खुले में रखने को मजबूर हो रहे हैं या बस अड्डा इंचार्ज के कमरे अन्यथा कैंटीन में अपना सामान रख रहे हैं। हालांकि कैंटीन मालिक द्वारा सामान रखने के एवज में यात्रियों से 10 रुपये की वसूली भी की जाती है। इस बस अड्डे में दो इंतजार कक्ष, महिला एवं पुरुष का सार्वजनिक शौचालय भी है। एक कक्ष का ताला तोड़ दिया गया है।
इस बस अड्डे का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 22 नवंबर 2002 को किया था।
किन्नौर के रिजनल मैनेजर अजेंद्र चौधरी ने कहा कि क्लॉक रूम की व्यवस्था करने को लेकर परिवहन मुख्यालय शिमला से बातचीत की जाएगी।
पथ परिवहन निगम मुख्यालय शिमला के महाप्रबंधक अनिल सैन ने कहा कि वे रिकांगपिओ के रिजनल मैनेजर से क्लॉक रूम को लेकर पत्राचार करेंगे। कमरे की व्यवस्था होने पर क्लॉक रूम खोल दिया जाएगा।