फाइलों में सिमटा रामपुर बाईपास का निर्माण
नेशनल प्राधिकरण ने भेजा था मामला, नहीं मिल पाई मंजूरी
रामपुर में आफत बनती जा रही है ट्रैफिक की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। चार जिलों के मुख्य व्यापारिक केंद्र रामपुर में ट्रैफिक की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। क्षेत्र में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नेशनल हाईवे के किनारे पर ही वाहनों को पार्क किया जा रहा है। इसके कारण यहां ट्रैफिक जाम की समस्या आए दिन पेश आती है। यहां पर बाईपास बनाने की घोषणाएं फाइलों में ही सिमट कर रह गई हैं।
रामपुर क्षेत्र में ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने को दशकों से बाईपास बनाने की मांग उठ रही है। चुनाव के समय में भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया जाता रहा है। आलम यह है कि क्षेत्र में बेहतर पार्किंग की सुविधा नहीं होने से नियमों को ताक पर रखकर नेशनल हाईवे पांच नोगली से लेकर खनेरी तक जगह-जगह वाहनों को पार्क किया जा रहा है। नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने वजीर बावड़ी से झाकड़ी तक बाईपास बनाने को लेकर सर्वे भी किया है, लेकिन केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने के कारण बाईपास का मामला जोर नहीं पकड़ पाया। लोगों के अनुसार करीब साढ़े 17 किलोमीटर बनने वाले इस बाईपास से जहां रामपुर में ट्रैफिक की समस्या कम होती, वहीं साथ लगते कुल्लू जिले की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के लोगों को भी इसका लाभ मिलता। एनएच ने बाईपास बनाने का मामला वार्षिक योजना के तहत मंजूरी को भेजा था, लेकिन अभी तक बाईपास निर्माण को लेकर हरी झंडी नहीं मिल पाई है।
वहीं इस संबंध में नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर के अधिशाषी अभियंता पीसी नेगी ने बताया कि वजीर बावड़ी से झाकड़ी तक करीब साढ़े 17 किलोमीटर बाईपास निर्माण को लेकर प्राधिकरण ने वार्षिक योजना के तहत मंजूरी के लिए भेजा है। केंद्र से मंजूरी नहीं मिलने के कारण मामला लटका है। मंजूरी मिलते ही बाईपास का निर्माण हो पाएगा।