ईको टूरिज्म के तहत विकसित होगी सरेऊलसर झील
प्रदूषण रहित छोटी गाड़ियों के लिए बनेगा ट्रैक : गोविंद
वनमंत्री 6 किमी पैदल सफर कर पहुंचे सरेऊलसर
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। धार्मिक पर्यटक स्थल सरेऊलसर को ईको टूरिज्म के तहत विकसित किया जाएगा और रघुपुर गढ़ से सरेऊसर होकर लामीलांबरी तक करीब 21 किमी ट्रैक बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलोड़ी जोत से कुछ आगे तक छोटे प्रदूषण रहित वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बनेगी। वन एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सरेऊलसर झील पहुंच कर यह बात कही।
मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के यहां पहुंचने पर क्षेत्र के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने यहां की आराध्य माता बूढ़ी नागिन और सरेऊलसर झील के दर्शन करने के बाद यहां के कारकूनों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि सरेऊलसर झील को बिजली और पानी की सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। मंदिर में पर्यटकों के ठहरने के लिए अतिरिक्त सराय भवन का निर्माण किया जाएगा। सरेऊलसर की खूबसूरती देखकर यहां बार-बार आने का मन करता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को ईको टूरिज्म के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर मिले सके, इसके लिए सुनियोजित ढंग से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है।
मंत्री गोविंद ठाकुर ने इससे पूर्व एनएच 305 के भूस्खलन क्षेत्र माशनु नाला का निरीक्षण किया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को पेड़ और क्रेटवॉल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनएच प्राधिकरण से बात कर भूस्खलन प्रभावित सड़क पर फ्लाईओवर बनाने की बात रखेंगे। वहीं, लोनिवि के खणाग विश्राम गृह में मंत्री गोविंद ठाकुर ग्रामीणों से मिले और ग्रामीणों की मांगों को पूरा किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी रजनी ठाकुर, एपीएमसी चेयरमैन अमर ठाकुर, भाजपा महामंत्री दूनी चंद ठाकुर, गंगा राम चंदेल, वेद ठाकुर, प्रताप ठाकुर, भूपेश ठाकुर, बीएस राणा, बीरबल, अनिल ठाकुर, चंद्रभूषण, तेजा सिंह, देवेंद्र नेगी, रविंद्र कुमार और किशोरी लाल सुमन के अलावा कई अन्य मौजूद रहे।