धारा पंदे लागा कुपड़ी मामा
गिंदू आ र खेला .. पर झूमे लोग
लोक कलाकारों के नाम रही सिराज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। आनी सिराज उत्सव मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या कुल्लू और शिमला के कलाकारों के नाम रही। हालांकि मेले में दोपहर के कार्यक्रम बारिश के कारण प्रभावित हुई। जबकि सांस्कृतिक संध्या में अधिक ठंड होने के बावजूद भी दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।
हिमाचली गायक एसी भारद्वाज ने धारा पंदे लागा कुपड़ी मामा गिंदु आ र खेला हो..., गोरे रंगा रा गुमान न कर..., हो बांकी चंद्रा याद रखे गलां मेरी हो और लाल लाल गे सेवे र दाना तेरे पागले खाई ने जाना आदि पहाड़ी गीतों से पंडाल में बैठे दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। विक्की राजटा ने डुगे नाला रा पानी गे शौणि..., रोहड़ु जाना मेरी अमिया..., सहित अन्य गीत पेशकर दर्शकों का मनोरंजन किया। स्टार कलाकार कुल्लू रमेश ठाकुर के मंच संभालते ही पंडाल नाच उठा। नखरे तेरे ऋतुए दिला जलांदे..., बुरा रोग दिला रा तेरी नगरी दिलड़ू लागा..., हाय मेरीए बालमा तेरी मेरी शोभली जोड़ी..., ओह शांता लाड़िए और मेरा हिमाचल सभी का बांका.., शिमला री सेर करनी देश घूमना सारा आदि पहाड़ी गीतों का गुलदस्ता प्रस्तुत करके सभी को खूब नचाया।
इससे पूर्व कार्यक्रम में हैवन इंडिया कंपनी कुल्लू के एमडी बीडी ठाकुर और जितेंद्र दयाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कमेटी ने मुख्यातिथि सहित सभी गणमान्य लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सिराज उत्सव मेला कमेटी अध्यक्ष उपेंद्रकांत मिश्रा, महासचिव शिवराज शर्मा, सतपाल ठाकुर, कुक्कू, संतोष कुमार, प्रताप कुमार, सुरेंद्र और धनीराम ठाकुर सहित कई अन्य मौजूद रहे।