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निर्माण से पहले ही सवालों के घेरे में ठियोग हाटकोटी सड़क की गुणवता

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निर्माण से पहले ही सवालों के घेरे में ठियोग-हाटकोटी सड़क
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विधानसभा प्रश्नकाल में मामला उछलने के बाद निर्माण कार्य में हुई गड़बड़ी की जांच के दिए आदेश
अमर उजाला ने भी कई बार प्रमुखता से उठाया था सड़क की गुणवत्ता को दरकिनार करने का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
जुब्बल(रोहड़ू)। सेब बाहुल्य क्षेत्र की लाइफ लाइन माने जाने वाली ठियोग हाटकोटी सड़क की गुणवत्ता निर्माण पूरा होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। बीते पांच साल में अमर उजाला ने भी सड़क निर्माण में हो रही गड़बड़ी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। तत्कालीन सरकार ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को नजरअंदाज किया। परिणामस्वरूप निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही 14 से अधिक रिटेनिंग वाल गिर गई हैं। जिससे करीब पौने तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी का मुद्दा विधानसभा में भी जमकर उछला। इसके बाद अब जाकर सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
ठियोग-हाटकोटी सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2007 से चल रहा है। पांच साल चाईनीज कंपनी के पास सड़क निर्माण का कार्य रहा। वर्ष 2013 में चाईनीज कंपनी से काम छीनकर सीएंडसी कंपनी को दिया गया। कंपनी के पास सड़क को चौड़ा कर पक्का करने का कार्य दिया गया था। कई स्थानों पर रसूखदारों के बंगलों को बचाने के लिए सड़क के बाहर से करोड़ों रुपये खर्च कर दीवारें लगाई गईं। सड़क को चौड़ा करने के साथ-साथ दीवारों का कार्य भी कंपनी ने निजी ठेकेदारों के सहारे करवाया। अमर उजाला ने निर्माण कार्य में दरकिनार की जा रही गुणवत्ता का मुद्दा जमकर उठाया था, लेकिन तत्कालीन सड़क ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। गुणवत्ता सही न होने के कारण अब कंक्रीट की दीवारें जगह-जगह गिर रही हैं। अब तक 14 से अधिक दीवारें गिर चुकी है। जिससे 2 करोड़ 77 लाख 92 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। बुधवार को विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान विधायक नरेंद्र बरागटा ने सड़क की गुणवत्ता में बरती गई कोताही का मुद्दा उठाया। तत्कालीन सरकार के नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं। जिस पर मौजूदा सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
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जुब्बल कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा ने बताया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल हुई है। इस कारण करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई कंक्रीट की दीवारें गिर रही हैं। इससे करोड़ों रुपये की नुकसान हो रहा है। सड़क पर डंगे और भूस्खलन होने से लोगों को भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। अगर समय रहते सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान दिया होता तो ऐसी नौबत न आती है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से करवाई जाएगी।
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