बस अड्डे के बेसमेंट में सूअर, गंदगी की भरमार
बेसमेंट के साथ बने रेस्ट रूम में चालकों-परिचालकों का रहना दुश्वार
दुकानों की गंदगी फैली है खुले में चारों ओर
विपिन काला
रामपुर बुशहर।
रामपुर बस अड्डे को देखकर लगता नहीं कि यहां पर व्यवस्था सुधारने के लिए कभी कोई गौर किया जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले कई साल से रामपुर नए बस अड्डे के बेसमेंट में सूअर पल रहे हैं और पूछने वाला कोई नहीं है।
बस अड्डे के बेसमेंट में हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के थके हारे आए चालकों और परिचालकों की सुविधा के लिए दो रेस्ट रूम बनाए हुए हैं। इन रेस्ट रूमों की हालत बदतर बनी हुई है। कमरों की खिड़कियां खोलने का साहस चालक और परिचालक नहीं कर पाते हैं, क्योंकि इनके खुलते ही बदबू घर कर जाती है। खिड़कियों से बाहर तक नहीं देखा जा सकता। बाहर सूअर गंदगी में विचरते देखे जा सकते हैं। बस अड्डा परिसर में बनी दुकानों की गंदगी बेसमेंट के बाहर खुले में फैल रही है। इससे रेस्ट रूम में प्रदूषण फैल रहा है। रेस्ट रूम के कमरे का सिलाप से जकड़ा पिलर भी सड़ांध छोड़ रहा है। एचआरटीसी के चालक-परिचालकों को प्रदूषित माहौल में आराम कैसे मिल पाएगा? यह बात अफरसरशाही नहीं समझ पाई है। अगर ऐसा न होता तो बेसमेंट और आसपास का माहौल सुधार दिया होता।
रात भर जूझते हैं मच्छर, खटमलों से
रेस्ट रूप में मौजूद चालक, परिचालक खुलकर बोलने का साहस नहीं कर पाते। चालकों और परिचालकों ने काफी कुरेदने के बाद बताया कि यहां रात काटना मुश्किल होता है। उनको मच्छर और खटमलों से रात भर जूझना पड़ता है। बेसमेंट में बने रेस्ट रूम की खिड़की खोलते ही बाहर की बदबू प्रवेश कर जाती है। खिड़की के पास खड़े नहीं हो सकते, क्योंकि बाहर गंदगी पसरी रहती है। जल निकासी की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
व्यवस्था सुधारी जाएगी : जगरनाथ
एचआरटीसी रामपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जगरनाथ कहते हैं कि इस संबंध में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा है तो मामले की छानबीन करके व्यवस्था सुधारी जाएगी।