कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। विकास खंड नारकंडा की पंचायतों में बीडीओ के निर्देशों पर पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें क्षेत्र के महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय जनता का सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत पेयजल स्रोतों, बावड़ियों, टैंकों, रास्तों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की जा रही है। आईपीएच विभाग के अधिकारियों के सहयोग से पेयजल स्रोतों के जल की गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है।
अभियान के तहत क्षेत्र की करीब 120 में से 50 बावड़ियों को महिला मंडलों की ओर से एक साल के लिए गोद लिया गया है। इसके अलावा अन्य बावड़ियों को भी गोद लिया जाएगा। महिलाएं इनकी साफ-सफाई करेंगी। ग्राम पंचायत जार के महिला मंडल जार, मोहन, दरोग, घडे़वती, बनोला, टिपरी, नाहल, चलान और किंगल ने अपने-अपने गांवों की बावड़ी को शनिवार को गोद लिया। विकास खंड नारकंडा की ग्राम पंचायत जार प्रधान आरती निर्मोही ने बताया कि बीते 10 दिनों से मेरा हिमाचल-स्वच्छ हिमाचल के तहत सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत क्षेत्र के जार, बनोला, टिपरी, मोहन, खल्टू गांव में सफाई की गई। इसके अलावा अन्य गांवों में अभियान जारी है।
सौ दिन के एक्शन प्लान के तहत दिए निर्देश
खंड विकास अधिकारी नारकंडा पूनम ने बताया कि मेरा हिमाचल-स्वच्छ हिमाचल अभियान के अंतर्गत विकास खंड की सभी पंचायतों को 100 दिनों के एक्शन प्लान के तहत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। महिला मंडलों से संबंधित गांव के परंपरागत पेयजल स्रोतों की देखरेख और साफ-सफाई के लिए गोद लेने का आह्वान किया है।