अमर उजाला ब्यूरो
भावानगर (किन्नौर)।
किन्नौर जिले की भावावैली का कटगांव और काफनू आयुर्वेदिक अस्पताल खुद ही बीमार पड़े हैं। क्षेत्र के लोगों को इनकी सुविधा नहीं मिल रही है। कटगांव आयुर्वेदिक अस्पताल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और काफनू आयुर्वेदिक अस्पताल दाई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा है।
कटगांव आयुर्वेदिक अस्पताल से दो वर्ष पूर्व डॉक्टर का तबादला हो गया है। उसके बाद यहां पर किसी चिकित्सक को नहीं भेजा गया। इसके अलावा अस्पताल में दवाइयों का भी टोटा है। इस अस्पताल में डॉक्टर को उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है। काफनू में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने के बाद कुछ समय तक तो यहां पर डॉक्टर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। इसके बाद विभाग यहां चिकित्सक भेजना भूल गया। भावावैली के 14 गांव को आयुर्वेदिक अस्पताल से सुविधा मिलती है। क्षेत्र के लोगों में सुरेंद्र, अरविंद, धर्मेंद्र, कृष्ण, संजीव, जसवंत और दलीप ने सरकार से दोनों अस्पताल में चिकित्सकों के पद को भरने की मांग की है, ताकि लोगों को उपचार की सुविधा मिल सके।
विभाग को कई बार लिखा पत्र
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी किन्नौर डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि दोनों ही अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती के लिए विभाग को कई बार पत्र लिखा गया है। राज्य में डॉक्टरों की नई नियुक्तियां न होने तक दोनों अस्पतालों में तैनाती कर पाना संभव नहीं है। कटगांव अस्पताल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे चल रहा और वहां दवाइयां भी कम है।