पांच दिन बाद एनएच-5 यातायात के लिए बहाल
पूह, काजा और स्पीति की ओर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही
पहाड़ी से चट्टानें गिरने से बाधित हुआ था नेशनल हाईवे-पांच
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के पूर्वणी झूले के पास पांच दिनों से बाधित नेशनल हाईवे बुधवार दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया। एनएच बहाल होने से पूह खंड की 24 पंचायतों के हजारों लोगों और लाहौल स्पीति के लोगों को आवाजाही में राहत मिली है। मार्ग बहाल न होने के कारण पूह खंड का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया था।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले नेशनल हाईवे पांच बीते पांच पर बीते चार दिनों से वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी थी। जिले के राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 पूर्वणी झूले से काशंग के बीच पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें खिसकने से करीब 80 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे बहाल करने में सीमा सड़क संगठन चार दिनों से जुटा हुआ था। अब जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह, काजा और स्पीति की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। एनएच बाधित होने से जिले के लोगों को जान जोखिम में डालकर रिकांगपिओ वाया पांगी होते हुए आकपा पहुंचना पड़ रहा था। इस मार्ग पर छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
पूह खंड के कर्ण लोक्ट्स, राजेंद्र लामा, किरणदीप नेगी, दावा छेरिंग नेगी, संजीव नेगी, सुनील नेगी, मोती नेगी, कीर्ती नेगी, ओलंगा नेगी, रामजगत नेगी, अश्वनी नेगी सहित कई अन्य लोगों के अनुसार राष्ट्रीय उच्च मार्ग बाधित होने से आवाजाही में दिक्कतें पेश आईं। सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव के अनुसार पहाड़ी से शूटिंग स्टोन के लगातार गिरने के कारण एनएच बार-बार बाधित हो रहा था। भारी भरकम चट्टानों को हटाने में काफी समय लगा। संगठन की चार मशीनें और 30 मजदूर एनएच को बहाल करने लगे थे। बुधवार दोपहर बाद एनएच पर वाहनाें की आवाजाही शुरू हो गई है। अब पूह, काजा और स्पीति की ओर वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है।
- बीरबल नेगी