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किन्नौर से 23,23,257 पेटियां देश की मंडियों में पहुंची

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सेब की पैकिंग करते बागवान। - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर से इस वर्ष अब तक सेब की 23 लाख, 23 हजार, 257 पेटियां देश की मंडियों में पहुंच चुकी हैं। जिले में अभी सेब सीजन अंतिम चरण पर है। हालांकि बागवानी विभाग के अनुसार जिले में अभी करीब 3 लाख और पेटियों के उत्पादन का अनुमान है। बागवानों की बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अच्छे दाम मिलने से बागवान खुश हैं।
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गौरतलब है कि जिले में बीते अक्तूबर माह में ताजा बर्फबारी से जहां सेबों के पेड़ों को क्षति पहुुंची, वहीं पेड़ के साथ ही सेब की फसल भी जमीन पर गिर गई। इसके चलते बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद अभी भी जिले से करीब 3 लाख पेटियों के मंडियों में आने का अनुमान है। जिले के निचार खंड से अब तक 8 लाख, 44 हजार, 321 पेटियां, कल्पा खंड से 7 लाख, 13 हजार, 772 और पूह खंड से 7 लाख, 65 हजार, 164 पेटियां देश की विभिन्न मंडियों के लिए भेजी जा चुकी हैं। किन्नौर का रसीला सेब स्वाद और गुणवत्ता के लिए विश्वभर में विख्यात है।
जिले के प्रगतिशील बागवान प्रवीन नेगी, प्रताप नेगी, विकास नेगी, जितेंद्र नेगी, तेजेंद्र नेगी, प्रवेश नेगी, राजकमल नेगी, रामजगत नेगी, सुनील नेगी, धनवीर नेगी, सुरजीत सिंह नेगी, प्रभाकर नेगी, राजेश नेगी, यशवंत नेगी, महेंद्र सिंह नेगी, अरुण नेगी और अर्जुन नेगी ने कहा कि इस वर्ष ताजा बर्फबारी से खासा आर्थिक नुकसान हुआ है। सेब के फलदार पेड़ समेत तैयार फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष सेब के अच्छे दाम मिल रहे हैं। इससे बागवान खुश हैं। बागवानों ने सरकार और जिला प्रशासन से ताजा बर्फबारी से बीते माह हुए सेब के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।
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उद्यान विभाग किन्नौर उपनिदेशक सीएम बाली ने कहा कि जिले के बागवानों का बीते दिनों हुई ताजा बर्फबारी से भारी नुकसान हुआ है। जिले से अभी तक 23 लाख, 23 हजार, 257 पेटियां विभिन्न मंडियों को भेजी जा चुकी है। हालांकि सांगला वैली, भावावैली और पूह वैली के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन दिनों सेब सीजन जारी है।
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