आनी (कुल्लू)। कुल्लू जिला के आनी खंड के करीब 60 हजार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा आधी अधूरी पुलिस फोर्स के जिम्मे है। क्षेत्र में होने वाली कई आपराधिक घटनाओं की पुलिस तक में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवाई गई है। पिछले कई सालों में जनसंख्या में वृद्धि हुई है, जबकि पुलिस जवानों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की गई। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो आनी खंड की 32 पंचायतों की करीब 60 हजार जनसंख्या की सुरक्षा करीब 30 जवानों के हवाले है। ऐसे में एक जवान पर करीब 2000 लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है।
ऑफिस स्टाफ, सम्मन लेकर गए या एविडेंस पर गए जवानों की संख्या कम कर दें तो करीब 3000 लोगों के लिए एक पुलिस जवान ही बचता है। यहां पर कई लोग चरस तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन इन पर लगाम नहीं कसी जा रही है। डेढ़ माह पहले डीएसपी आनी के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद यह पद खाली है। आचार संहिता के कारण इसे नहीं भरा गया। आनी, निरमंड और ब्रो थाना की देखरेख संबंधित थाना प्रभारी ही कर रहे हैं। आनी पुलिस थाना के अंतर्गत एक हेड कांस्टेबल, नौ मानक मुख्य आरक्षी और दो कुक के पद खाली चल रहे हैं। ये पद पिछले लंबे से नहीं भरे जा रहे। कस्बे में चोरियों, गाड़ियों से छेड़छाड़ और तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही हैं। इसके अलावा आनी में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस स्टाफ कम होने से कई मामलों को निपटाने में दिक्कत आ रही है। उधर एसपी कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि जिला भर में जवानों की कमी है। 28 दिसंबर के बाद कुछ जवान आनी भेजने की व्यवस्था की जाएगी।