फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जनजातीय जिले में चार माह से ठप पड़ी एंबुलेंस सेवाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
जनजातीय जिले में चार माह
विज्ञापन

से ठप पड़ीं हैं एंबुलेंस सेवाएं
कई वाहन खस्ताहाल तो कई वाहनों को नहीं मिल रहा तेल
जिले में आपदा के समय पेश आ सकती हैं भारी दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में 102 और 108 एंबुलेंस सेवाएं बीते चार माह से ठप पड़ी हैं। खस्ता हालत और तेल की कमी से जूझ रहे एंबुलेंस वाहन सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल रहे हैं। जिले के हजारों लोग एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पा रही।
प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से यह क्षेत्र काफी संवेदनशील माना जाता है, लेकिन जिले में आपात सेवाएं ठप होने के कारण हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जिले में 108 और 102 सुरक्षा जननी एंबुलेंस सेवा बीते चार माह से ठप पड़ी है। पांच 108 और तीन 102 एंबुलेंस वाहन कहीं तेल की कमी तो कहीं खस्ता हालत के कारण धूल फांक रहे हैं। विभाग अधिकारी जुगाड़ से इन वाहनों को चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। विशेष बजट होने के बावजूद भी जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या आलम है। वाहनों में तैनात कैप्टन, चालक और फार्मासिस्टों को भी वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है। निजी कंपनी के तहत सेवाएं दे रहे इन कर्मियों ने उपायुक्त और सीएमओ किन्नौर को भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन प्रशासन और विभाग समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के उमेश नेगी, हिम्मत नेगी, निर्मल चंद्र नेगी, भरतलाल नेगी, प्रीतम नेगी, वीर सिंह नेगी, दयाकृष्ण नेगी, प्रताप नेगी, कुमारी सरोज नेगी, तारा मौयान, राजकुमार नेगी, विक्रम नेगी, मुकेश नेगी और रामकुमार नेगी सहित अन्य लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द एंबुलेंस सेवा चलाने की मांग की है। वहीं इस संबंध में उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि उन्हें इस बारे कोई जानकारी नहीं है। यदि समस्या है तो जल्द ही सीएमओ को निर्देश जारी कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें