अमर उजाला ब्यूरो
रोहड़ू।
कशैणी गांव में शुक्रवार को भी प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए लंगर का प्रबंध किया गया। हालांकि बारिश के कारण रोज की तरह ग्रामीण खुले आसमान के नीचे भोजन नहीं पका सके। ग्रामीणों ने गांव के सामुदायिक भवन में भोजन बनाकर प्रभावितों को खिलाया। शुक्रवार को दिन भर मौसम खराब रहा। रुक-रुक कर बारिश का क्रम चलता रहा। इससे भोजन का प्रबंधन करने में मुश्किल आई। हालांकि बारिश होने से मलबे के ढेर से आग सुलगने का खतरा भी कम हो गया है।
सुलग रही आग शेष बचे मकानों में न फैले इसलिए दमकल दस्ता भी मौके पर तैनात रहा। लेकिन वर्षा होने के बाद गांव में शेष बचे घरों को आग से बचाने की ग्रामीणों की चिंता समाप्त हो गई है। प्रभावित परिवारों के सदस्यों ने आसपास के घरों में शरण ली हुई है। कई प्रभावित परिवार आसपास के गांव में अपने रिशतेदारों के घरों पर रह रहे हैं। प्रभावितों को अब अपने नए आशियाने बनाने की चिंता सता रही है। हालांकि सरकार की ओर से प्रभावितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। लेकिन बिना आशियाने के प्रभावित परिवार आज भी चिंतित है। एसडीएम रोहड़ू बीआर शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से मौके पर अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जो राशन सामग्री से लेकर सभी प्रकार की व्यवस्था देख रहे तथा ग्रामीणों की हर संभव सहायता कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए लंगर की व्यवस्था जारी है। उन्होंने बताया कि वर्षा होने के कारण ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन में खाना पकाया है।