कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। अब किसानों और बागवानों को रासायनिक खादों पर मिलने वाली सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना के तहत सीधे उनके आधार लिंक खाते में आएगी। कृषि विभाग विकास खंड नारकंडा के डॉ. राजेश जसवाल ने बताया कि सरकार की ओर से किसानों को दिए जाने वाले अनुदान को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने डीबीटी योजना के तहत ला दिया है।
जसवाल ने विकास खंड नारकंडा के सभी पंजीकृत रासायनिक खाद विक्रेताओं और खाद डिपो होल्डर से आह्वान किया है कि वे 28 जनवरी को विषयवाद विशेषज्ञ कृषि नारकंडा कार्यालय में पीओएस मशीनों को अपडेट कराएं, ताकि नई अनुदान प्रणाली के तहत खाद बिक्री शुरू की जा सके। इसके लिए पीओएस मशीनों को लाना अनिवार्य है। ज्ञात रहे कि इससे पहले सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुदान राशि संबधित वितरण एजेंसी को दी जाती थी और एजेंसी बाजार से कम भाव में किसानों को खाद मुहैया करवाती थी। अब किसानों को पूरी कीमत पर एजेंसी की ओर से खाद प्रदान की जाएगी और अनुदान की राशि सीधे खाते में आएगी।