छह गांवों के लोगों का कब साकार होकर सड़क सुविधा का सपना
निचार पंचायत की 1800 की आबादी सड़क सुविधा से वंचित
किसानों-बागवानों समेत ग्रामीण झेल रहे परेशानी
ग्रामीणों में सरकार और लोक निर्माण विभाग के प्रति रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। निचार पंचायत के छह गांवों की 1800 आबादी 11 वर्षों से सड़क के इंतजार में है। लंबे समय से ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों में सरकार और लोक निर्माण विभाग की प्रति रोष है। जनजातीय जिले की निचार पंचायत में चैलेंग बावड़ी से ग्रादे-पूजे तक करीब 26 सौ मीटर सड़क का निर्माण कार्य विभाग एक दशक में भी पूरा नहीं कर पाया है। अभी करीब आठ सौ मीटर सड़क का निर्माण होना बाकी है। साल 2014 में वर्तमान कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने करीब ढाई किलोमीटर सड़क का शिलान्यास किया था। लोगों को उम्मीद थी कि सड़क सुविधा से जुड़ने के बाद उन्हें नगदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी। करोड़ों के बजट के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाया है। इस सड़क से निचार पंचायत के ग्रादे, ग्रांगे, पूजे, पेलारिंग, रालपा और बरनाला गांव के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
पंचायत प्रधान निचार अधिवक्ता राजपाल नेगी ने बताया कि सरकार और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण 11 वर्षों में नहीं हो पाया है। बजट के अभाव में सड़क का निर्माण कार्य लटका है। हालांकि, कैबिनेट मंत्री से साल 2023 में सड़क का निर्माण कार्य पूरा करने, सड़क की टारिंग और मेटलिंग करने की मांग की गई थी, लेकिन ग्रामीणों की समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है।
बागवानों में रोष
महिला मंडल पेलारिंग अध्यक्ष सविता पैलेस, अर्जुन देव पैलेस, देवी लाल कांसू, जगदीश पैलेस, विनय सिंह, दीपक रोलक्यान, ज्ञाबा पालदेन नेगी, वार्ड सदस्य सुनिता पैलेस, भारत भूषण नेगी, रमीला नेगी, अविनाश नेगी सहित ने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव में सैकड़ों किसानों-बागवानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों-बागवानों को अपनी सेब, आलू, माश और राजमाश समेत अन्य नकदी फसलों को मंडी पहुंचानें में मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। सड़क निर्माण न होने से बागवानों में खासा रोष है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से निचार पंचायत के छह गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर एनओसी नहीं दी थी। इस कारण सड़क निर्माण में देरी हुई है। करीब आठ सौ मीटर सड़क का निर्माण होना शेष है। बजट उपलब्ध होते ही सडक़ का निर्माण किया जाएगा।
- हितेश ठाकुर, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग भावानगर
- संवाद