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डिग्री कॉलेज ज्यूरी में प्रिंसिपल न प्रोफेसर, छात्र क्लर्क के हवाले

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डिग्री कॉलेज ज्यूरी में प्रिंसिपल न प्रोफेसर, छात्र क्लर्क के हवाले
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कोर्ट गया कॉलेज को बंद करने का मामला, छात्रों का भविष्य अंधकार में
अमर उजाला ब्यूरो
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। डिग्री कॉलेज ज्यूरी को बंद करने की घोषणा के बाद 13 छात्रों का भविष्य अंधकार में छा गया है। कॉलेज में कला स्नातक के 13 छात्रों ने एडमिशन ले रखी है। कॉलेज में न तो प्रिंसिपल और न ही शिक्षक। ऐसे में कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को भविष्य क्लर्क के जिम्मे है। यहां पर तैनात एकमात्र अंग्रेजी के अध्यापक के छुट्टी जाने के बाद छात्रों को पढ़ाने वाला कोई नहीं है।
अमर उजाला जब कॉलेज पहुंचा तो वहां पर तैनात एक लिपिक 5 छात्रों का भविष्य संवार रही थी। सरकार के ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के फैसले के बाद मामला कोर्ट में चला गया है। इसके कारण अब न तो छात्रों को दूसरे कालेज में स्थानांतरित किया गया और न ही कोई शिक्षकों की तैनाती हो पाई है।
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पिछली सरकार ने चुनावी फायदे के लिए बीच सत्र में कॉलेज खोलने और बंद करने के चक्र में सबसे ज्यादा मार उन 13 गरीब छात्रों पर पड़ रही है, जो यहां शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। वर्तमान सरकार ने कम दाखिले की वजह से कॉलेज को बंद करने का फैसला लिया।
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ज्यूरी कॉलेज में सत्र शुरू होते ही डेपुटेशन वाले अध्यापक वापस रामपुर भेज दिए गए। यहां अंग्रेजी के एक मात्र प्राध्यापक के सहारे कॉलेज चल रहा है। वो भी कुछ दिन की छुट्टी पर है। यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए किसी दूसरे कॉलेज से कोई भी अध्यापक नहीं भेजा गया है। अब कोर्ट कब और क्या फैसला देगा, तब तक छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।
इस बारे में उच्च शिक्षा निदेशक अमर जीत शर्मा ने बताया कि कॉलेज का मामला कोर्ट में है। कोर्ट के फैसले आने के बाद अगली कार्रवाई शुरू कर देंगे।
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