पहाड़ी का बार-बार दरकना बना आफत
पूर्वणी के पास तीसरे दिन भी एनएच पांच नहीं हुआ बहाल
काजा, पूह और स्पीति वैली के लिए आवाजाही हुई मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर में पूर्वणी के पास एनएच पांच को बहाल करने में पहाड़ी का बार-बार दरकना आफत बनता जा रहा है। तीसरे दिन भी पूर्वणी झूले के पास एनएच पांच में वाहनों के पहिये थमे रहे। एनएच के बहाल नहीं होने से काजा, पूह और स्पीति वैली का संपर्क कट गया है और लोगों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पूर्वनी झूला और काशंग के बीच शनिवार दोपहर अचानक पहाड़ी दरकने से अवरुद्ध पड़ा है। पहाड़ी दरकने से एनएच पर भारी भरकम चट्टानें आ गिरी, जिसके चलते करीब 80 मीटर सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जिले के लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। एनएच बाधित होने से पूह खंड की 24 पंचायतों के हजारों लोगों को काजा और स्पीति की तरफ आवाजाही करने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। हालांकि सीमा सड़क संगठन की चार मशीनें और करीब 40 मजदूर युद्धस्तर पर कार्य कर अवरुद्ध मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने कहा कि बाधित एनएच को देर शाम तक खोलने का प्रयास जारी है। जैसे-जैसे संगठन सड़क को बहाल कर रहा है, वैसे-वैसे ही ऊपर से भारी चट्टानें मार्ग पर आ रही हैं, जिसके चलते एनएच को बहाल करने में समय लग रहा है। करीब 60 मीटर अवरुद्ध मार्ग खोल दिया गया है। भारी भरकम चट्टानों से मार्ग को खोलने में समय लग रहा है। छोटे वाहनों के लिए अस्थायी तौर पर रिकांगपिओ वाया पांगी से आकपा ब्रिज होकर आवाजाही हो रही है। पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी रिकांगपिओ देवीदत्त भारद्वाज ने कहा कि बसों को ट्रांसमिट करके भेजा जा रहा है। रिकांगपिओ वाया पांगी होते हुए छोटे वाहनों की आवाजाही हो रही है।