खस्ताहाल स्कूल बस में ढोए जा रहे बच्चे
ठियोग के एक निजी स्कूल में बस के बदतर हालात
पीटीए ने परिजनों ने प्रधानाचार्य के समक्ष रखा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
ठियोग (रामपुर बुशहर)। इलाके के एक निजी स्कूल की बस काफी खस्ताहाल हो गई है। इस संबंध में पीटीए और बच्चों के अभिभावकों ने कड़ा संज्ञान लिया है। पीटीए के उपाध्यक्ष विपिन वर्मा की अगुवाई में परिजनों ने मंगलवार को स्कूल प्रधानाचार्य के समक्ष इस मुद्दे को रखा। वर्तमान समय में विद्यालय में 110 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन की चूक के कारण बच्चों को पुरानी बस में ढोया जा रहा था। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि स्कूल बस करीब 15 साल पुरानी है। इस संबंध में स्कूल प्रशासन को जल्द से जल्द कोई कदम उठाना चाहिए। पीटीए उपाध्यक्ष विपिन वर्मा, नितिन झेठा, रोशन चौहान, दिनेश जगटा और पप्पू शर्मा के अनुसार विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं स्कूल प्रधानाचार्य के अनुसार बस को बाहरी व्यक्ति को बेच दिया गया है, लेकिन अभी भी बस विद्यालय के नाम ही चल रही है। बस को अभी पंद्रह वर्ष पूरे नहीं हुए हैं। जल्द ही किसी और बस का इंतजाम किया जाएगा।