देव विदाई के साथ नोगली मेले का समापन
मेले के अंतिम दिन वाद्य यंत्रों की धुनों पर जमकर झूमे ग्रामीण
कशोली देवता साहिब को 18 हजार रुपये नजराना किया भेंट
अमर उजाला ब्यूरो
नोगली (रामपुर बुशहर)। ऐतिहासिक शाड़ की जातर मेला देव विदाई के साथ शुक्रवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। नोगली में आयोजित तीन दिवसीय मेले में ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर जमकर नाटी डाली। वहीं मंदिर कमेटी कुमसू ने मेले में आए देवताओं की नजराना राशि में बढ़ोतरी कर उन्हें मेले से विदा किया। इस मौके पर सैकड़ों लोग देवताओं से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
नोगली में मेले के अंतिम दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। दिनभर ग्रामीण, देवलु और दूर-दूर से आए लोगों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। मेले के अंतिम दिन बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखा गया। स्कूली बच्चों ने झूले का खूब लुत्फ उठाया। मंदिर कमेटी अध्यक्ष कृष्ण गोपाल भारद्वाज ने कहा कि कशोली देवता साहिब को सांस्कृतिक दल सहित 18 हजार रुपये का नजराना, शनेरी देवता साहिब को 8500 रुपये की राशि भेंट की। कुमसू और शनेरी देवता को 25 हजार रुपये का खर्चा दिया गया। मेले के अंतिम दिन सैकड़ों लोग मेला मैदान पहुंचे और देर शाम तक दिनभर नाटियों का दौर चला। मेले में देव वाद्य यंत्रों की धुनों पर माला नृत्य भी किया गया। वहीं इस मौके पर मंदिर कमेटी के गोपाल नेगी, टिकम सैनी, देवेंद्र मेहता, बुद्धि सिंह, कांडू राम, तारा चंद राणा, दिनेश वर्मा, अमर मेहता, मेहर चंद मेहता, संदीप नेगी, किशोरी लाल, ईश्वर मेहता, दीपक मेहता और वीरू राम के अलावा कई अन्य लोग मौजूद रहे।