नोगली (रामपुर बुशहर)। शलाटी वैली के ऐतिहासिक शाड़ की जातर (आषाढ़ मेला) के दूसरे दिन ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब झूमे। नोगली मेले में पारंपरिक परिधानों में सजधज कर महिलाओं, युवकों और देवलुओं ने दिनभर नाटी डाली। वहीं मेले में दूर-दूर से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने देवताओं के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह मेला लक्ष्मी नारायण देवता साहिब कुमसू की अगुवाई में आयोजित किया जा रहा है। मेले में देवता साहिब शिंगला, देवता साहिब शनेरी, देवता साहिब दमुख डंसा और देवता साहिब कशोली शामिल हुए हैं। वीरवार को नोगली मेले में वाद्ययंत्रों की धुनों पर दिनभर देवलु और ग्रामीणों ने नाटी डाली। वहीं मेले में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भी दिनभर मेले का लुत्फ उठाया। मेले में लोगों की उमड़ी भीड़ से व्यापारी काफी खुश हैं।
ग्रामीणों ने दिनभर जमकर खरीदारी भी की। आज (शुक्रवार) को ऐतिहासिक शाड़ की जातर का देव विदाई के साथ विधिवत समापन होगा। इस मौके पर गुरूदेव मेहता, सोहन लाल, रमेश, देवेंद्र मेहता, कैलाश मेहता, तारा चंद, संदीप, दीपक मेहता, ईश्वर, कृष्ण गोपाल, गोपाल नेगी, सोहन लाल और चंद्रशेखर चौहान सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।