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आशा वर्करों को दिए क्षय रोगियों को पहचानने के टिप्स

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अमर उजाला ब्यूरो

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भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में क्षय रोगियों को खोजने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी के तहत सीएचसी भावानगर में निचार खंड के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत आशा वर्करों को कार्यशाला में प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बीएमओ निचार डॉ. ब्रह्मजीत ने कहा कि क्षेत्र में कार्यरत आशा वर्कर हर रविवार को कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों का स्वास्थ्य जांचेंगी। यदि इन मजदूरों में क्षयरोग के लक्षण पाए गए तो उन्हें नजदीकी के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर इस रोग का उपचार करवाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री क्षयरोग निवारण योजना के तहत वर्ष 2021 तक प्रदेश को क्षयरोग मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग द्वारा आशा वर्करों के सहयोग से क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए कवायद शुरू की गई है।
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उन्होंने कहा कि क्षयरोग का सही उपचार करने से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। सरकार द्वारा क्षय रोगियों का उपचार 4 से 6 माह तक नि:शुल्क किया जाता है और इस तरह के रोगियों को विभाग की तरफ से प्रतिमाह 500 रुपये खुराक राशि के तौर पर दिए जा रहे हैं। क्षय रोगियों की पहचान करने वाली आशा वर्कर को एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसी तरह के शिविर 21 को सांगला में और उसके बाद रिकांगपिओ व पूह में भी आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर छेरिंग लाल, रमेश नेगी, महेंद्र थांटा और सुभाष सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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