रोहड़ू। सेब के पौधों से फलों की लगातार ड्रापिंग ने बागवानों की सेब की अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मध्यम और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने के साथ सेब के पौधों में लगे फल झड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ऐसे में शुरू के महीने में अच्छी पैदावार को लेकर लगाए जा रहे अनुमान फलों की ड्रापिंग के बाद घटने वाले हैं।
सेब के बगीचों में बीते एक सप्ताह से गर्मी बढ़ने के बाद लगातार फल झड़ने की प्रक्रिया चल रही है। अधिक गर्मी वाले बगीचों में तापमान बढ़ने के बाद पौधे में लगे फल कई बगीचों में जमीन में बिखरकर आधे से भी कम रह गए हैं। क्षेत्र के बागवान देविंद्र सिंह, सुरेंद्र चौहान, प्रमोद शर्मा और राकेश चौहान के अनुसार निचले क्षेत्र के सेब बगीचों में भारी मात्रा में सेब के फल ड्राप हो चुके हैं। अभी फलों को झड़ने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। इस साल अच्छी पैदावार का अनुमान अब सामान्य से भी कम पैदावार तक पहुंच गया है। यदि फल झड़ने की प्रक्रिया ऐसे ही जारी रही तो पौधे में बहुत कम फल रह जाएंगे।
उद्यान विकास अधिकारी कुशल मेहता के अनुसार बगीचों में इस महीने फल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। कम फसल से अच्छी गुणवत्ता का फल तैयार होगा । गुणवत्ता वाले फल के बागवानों को बाजार में अच्छे दाम मिलेंगे। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कायथ के अनुसार पौधे में क्षमता से अधिक फल लगने के कारण हारमोन्स नहीं मिलते हैं। जिससे मई और जून महीने में फल ड्रापिंग होती है। पॉलिनेशन में कमी के कारण भी कई बगीचों में फलों की ड्रापिंग हो रही है। आजकल के दिनों में फलों का झड़ना सामान्य प्रक्रिया है। इसकी रोकथाम का कोई उपाय नहीं हो सकता।