सांगला (किन्नौर)। किन्नौर में पूर्वणी झूले के पास बीते रविवार देर रात से बाधित राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच 20 घंटे बाद बहाल हुआ। नेशनल हाईवे बहाल होते ही जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह-काजा की तरफ वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। यातायात बहाल होने से जिले के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। सीमा सडक़ संगठन ने युद्ध स्तर पर कार्य कर बाधित एनएच पांच को सोमवार देर शाम को बहाल किया।
गौरतलब है कि रविवार देर रात को पहाड़ी दरकने से पूर्वणी झूले के पास एनएच पांच पर बड़ी बड़ी चट्टानें आ गिरी। इसके चलते एनएच पर करीब 20 घंटे वाहनों के पहिये पूरी तरह से थमे रहे। नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर अपने अपने गंतव्य पहुंचना पड़ा। जिले के हजारों लोगों को आवाजाही करने में खासी परेशानियां उठानी पड़ी।
अनु नेगी, विमल नेगी, शक्ति नेगी, विरेंद्र नेगी, आरती नेगी, कविता नेगी, राजेश नेगी, राकेश नेगी, प्रताप नेगी और त्रिलोक नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 पर यातायात बहाल होने से हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने बताया कि एनएच बहाल होते ही निगम की बसों की आवाजाही बराबर हो रही है। वहीं इस संबंध में सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने कहा कि पूर्वणी के पास बाधित नेशनल हाईवे को सोमवार देर शाम को बहाल कर दिया गया है। लगातार पहाड़ी दरकने से एनएच को बहाल करने में काफी समस्याएं पेश आईं। अब एनएच पांच पर वाहनों की आवाजाही बराबर हो रही है।