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मई माह में भी शीतलहर की चपेट में आया जिला किन्नौर

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ऊंची चोटियों में हल्का हिमपात
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निचले इलाकों में झमाझम बारिश
मई माह में शीतलहर की चपेट में आया जिला किन्नौर
बागवानों की बढ़ी चिंता, प्रभावित हो सकती है फसल
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। कई वर्षों बाद जनजातीय जिला किन्नौर के लोग मई माह में भी शीतलहर झेल रहे हैं। बीते मंगलवार से बिगड़े मौसम के मिजाज के चलते लोगों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। वीरवार दोपहर बाद जिले की ऊंची चोटियों में जहां हल्का हिमपात शुरू हुआ वहीं निचले इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी हो गया। तापमान में आई काफी गिरावट और बारिश से सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
बीते तीन दिनों से जनजातीय जिले के अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में हल्के हिमपात का दौर जारी है। वहीं जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर, तरांडा, निगुलसरी और चोरा में रूक-रूक कर बारिश हो रही हैं। इसके चलते समूचा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। वीरवार को किन्नौर जिले के पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खराब मौसम को देखते हुए जिले के बागवानों को सेब की बेहतर फसल की चिंता सताने लगी है। अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रो में बारिश होने से बागवानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बागवानों के अनुसार यदि लगातार तीन-चार दिनों तक बारिश होती रही तो सेब की फसल पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नकदी फसल सेब का फ्लावरिंग चरम पर है।
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जिले के बागवान दामोदर नेगी, गौतम नेगी, ओमकार नेगी, हिम्मत नेगी, दलीप नेगी, सुरेश नेगी, सुरेंद्र नेगी, वीरेंद्र नेगी, दीपक नेगी, मदन नेगी, कृपाल सिंह नेगी, हजार सिंह नेगी, रामज्ञानी, मुकेश नेगी, तुलसी नेगी सहित अन्य बागवानों ने कहा कि इन दिनों नकदी फसल सेब की फ्लावरिंग चरम पर है। ऐसे में तापमान 16 से 26 डिग्री सेल्सियस तक होना सही है। तापमान में गिरावट आने से फसल पर विपरीत असर पड़ सकता है। इन दिनों मटर की बीजाई का सीजन है। मौसम की बेरूखी मटर की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
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उधर, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. प्रवेश शर्मा ने भी माना कि इन दिनों लगातार मौसम का खराब होना सेब की फसल के सही नहीं है। सेब की फ्लावरिंग यौवन पर है। तापमान में बार-बार गिरावट आना सेब के लिए अच्छा नहीं है। बारिश और ठंड से परागण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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