अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। रिकांगपिओ में सेवानिवृत्त अर्ध सैनिक कल्याण संघ ने वार्षिक तोशिम कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, असम रायफल, एसएसबी, इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों, जवानों और महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में संघ अध्यक्ष देवेंद्र नेगी ने पैरामिलिट्री फोर्स को सरकार की ओर से शहीदी का दर्जा न मिलने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि सेना के जवानों को शहीदी दर्जा दिया जाता है जबकि अर्धसैनिक बल भी सेना की भांति ही कार्य करती है। उन्हें शहीद का दर्जा नहीं मिलता है। अर्धसैनिक बल के जवान नक्सल क्षेत्रों, आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों, देश में आए किसी भी आपदा के समय या वीआईपी सुरक्षा में हमेशा आगे रहते हैं। बावजूद इसके केंद्र सरकार द्वारा अर्ध सैनिक बलों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अर्ध सैनिकों को भी वन रैंक वन पेंशन सेना के जैसे ही लागू किया जाए और उन्हें भी सेना के तर्ज पर कैंटीन के सामान में जीएसटी लागू नहीं हो। राजधानी शिमला के तर्ज पर ही किन्नौर जिले में भी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ सेंटर खोला जाए। सेवानिवृत्त अर्ध सैनिक बल की आयु सीमा में कटौती कर 70 वर्ष किया जाए। रक्षा मंत्रालय की भांति अर्ध सैनिक बल के लिए भी केंद्र से अलग मंत्रालय की मांग की गई है।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कमांडेंट बीएसएफ टीकम सिंह नेगी ने भी मौजूद लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईटीबीपी आईजी आईएस नेगी ने कहा कि यह तोशिम कार्यक्रम पैरामिलिट्री में देश के लिए अपनी जान निछौवर करने वालों के परिवारों के लिए और उनकी विधवाओं के समस्याओं मुद्दों को समाधान करने के लिए भी यह तोशिम कार्यक्रम बेहतर साबित होगा।
तोशिम कार्यक्रम में उपस्थित रहे सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बलों की विधवाओं ने मुख्यातिथि और अन्य अतिथियों का किन्नौरी संस्कृति के साथ स्वागत किया। इस दौरान किन्नौरी नाटी में ढोल नगाड़ों और शहनाईयों पर सभी लोगों ने खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर उप सेनानी अर्जुन सिंह, सुनील, प्रवीण त्रिवेदी आशीष, सेवानिवृत्त रोशन लाल नेगी, भाग सागर नेगी, एससी नेगी, बीएस नेगी, देवंती, संकित लामो, पनमा जंगमो, प्रोमिला देवी, कृष्ण भक्ति, जश्न देवी, डीएस नेगी, सनम नरगू, मूल देव, सनम देव, आरएस नेगी, रघुनाथ नेगी, भगत सिंह नेगी, नेगी शेर चंद, छेपल रिंगजिंग और लाल बहादुर सिंह नेगी मौजूद रहे।