सुख समृद्धि का आशीर्वाद देकर विदा हुए देवी-देवता
रामपुर में चार दिवसीय जिला स्तरीय फाग मेले का धूमधाम से समापन
नगर परिषद और राज परिवार ने दी सभी देवी-देवताओं को विदाई
मेले की अंतिम दिन बारिश ने डाला खलल, नहीं हो पाईं नाटियां
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर में जिला स्तरीय फाग मेला सोमवार को देवी-देवताओं की विदाई के साथ धूमधाम से संपन्न हो गया। मेले में जिला कुल्लू और शिमला जिला के देवी-देवताओं के देवलु अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब झूमे। मेले के अंतिम दिन भी दिन भर राजदरबार में नाटियों का खूब दौर चला हालांकि बारिश होने के कारण लोगों को थोड़ी परेशानी भी झेलनी पड़ी। सड़कों के किनारे लोग देवताओं के दर्शन के लिए खड़े नजर आए।
चार दिवसीय इस मेले में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन कर उनका आशीष लिया। फाग मेले का अंतिम दिन लोग अपने ईष्ट के आगे माथा टेकने पहुंचे और साथ ही देवता को भेंट स्वरूप राशि दी। दोपहर बाद राज दरबार परिसर से एक-एक करके सभी देवताओं ने विदाई ली। दोपहर बाद नगर परिषद रामपुर के उपाध्यक्ष दीपक सूद, पार्षद कमल स्वरूप, पार्षद चूड़ामणी, पार्षद मीना कुमारी, पार्षद पंकज बराड़, पार्षद अनु कुमार गोस्वामी, पार्षद साधना शर्मा, पार्षद रीता बादल, पूर्व पार्षद सुषमा मखैक ने नजराना राशि भेंट कर सभी देवताओं को विदाई दी। राज परिवार की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नि एवं पूर्व सांसद मंडी लोकसभा प्रतिभा सिंह और उनकी बहु सुदर्शना कुमारी, राम असारे ठाकुर, पूर्व पार्षद ध्रुव शर्मा, आरडी कंवर, सुशील ठाकुर, जगदीश शर्मा, अजय शर्मा और संजय शर्मा ने राजदरबार में देवी-देवता का स्वागत करने के बाद उन्हें विदाई दी। राज परिवार की ओर से देवी-देवताओं को नजराना राशि भेंट की गई।
फाग मेले में पहुंचे देवी देवताओं को अंतिम दिन नगर परिषद द्वारा नजराना भेंट कर विदा किया गया। इस मर्तबा पिछले वर्ष के मुकाबले देवताओं के नजराने में दस प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस मर्तबा नप द्वारा फाग मेले में देवी-देवताओं को 2 लाख 34 हजार 400 रुपये का नजराना दिया गया। जिसमें देवता साहिब रचोली को 14500, बसारू को 26600, गसो को 23400, छोटू को 2500, डंसा को 16000, शनेरी को 12100, मझेवटी को 12100, धारा सरगा को 22700, डमैड़ी को 12000, सूमा को 7500, बाड़ी को 21700, शोली को 20600, देवनगर को 15700, शलाट को 14000 और देवता साहिब छिज्जा कालेश्वर देवठी को 13000 दिए गए।