रामपुर बुशहर। दलित शोषण मुक्ति मंच रामपुर के राज्य समन्वयक जगत राम ने कहा कि दलित हमेशा राजनैतिक पार्टियों के लिए वोट बैंक रहा है। दलित मोर्चे, अनुसूचित जाति विभाग और जातिगत संगठनों को बनाने में मदद करके ये राजनैतिक पार्टियां इनका अपने फायदे के लिए उपयोग करती हैं। वहीं देश और प्रदेश में दलितों पर होने वाले हमलों व उनके उत्पीड़न पर चुप्पी साधे रहती है।
मंच के जिला संयोजक ओम प्रकाश भारती ने अधिवेशन का शुभारंभ करते हुए मंच के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दलित शोषण मुक्ति मंच कोई जातिवादी संगठन या मोर्चा नहीं है, लेकिन सभी राजनैतिक, सामाजिक और जाति आधारित संगठनों के लिए एक मंच है, जहां हम दलित और दलित उत्पीड़न की समस्याओं को मिलकर दूर करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
वहीं जगत राम ने बताया कि देश के साथ ही प्रदेश में भी दलितों पर हमलों में इजाफा हुआ है। फिर चाहे वो सूचना के अधिकार कार्यकर्ता केदार जिन्दान की निर्मम हत्या हो या नेरवा में रजत की हत्या। बंजार के देव उत्सव में दलित पर हमला हो या अभी हाल ही में रामशहर एक टीचर पर हमला हो, दलित शोषण मुक्ति मंच इस पर मुखर हुआ है। वहीं अधिवेशन में दलित शोषण मुक्ति मंच, रामपुर की एक 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें आशु भारती को ब्लॉक समन्वयक और हरीश चोपड़ा को सह समन्वयक चुना गया। इसके साथ ही नरेंद्र देष्टा, राम दास मल्होत्रा, शमशेर सिंह, खुशी राम, निम्मू देवी, ललिता, राम लाल, रवि, लायक राम और विद्या देवी को सदस्य बनाया गया।