सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में इस वर्ष हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। जिले के एक दर्जन ग्रामीण सड़कें दो माह के अंतराल से यातायात के लिए पूरी तरह से बाधित हैं। वहीं अन्य सड़कों की खस्ता हालत और बर्फबारी से ग्रामीण परेशानियां झेलने के लिए मजबूर हैं।
किन्नौर जिले में बर्फबारी का दौर शुरू हुए दो माह से अधिक का समय बीतने वाला है, लेकिन जिले में आए दिन मौसम की खराबी के चलते बर्फबारी का क्रम थम नहीं रहा। बर्फबारी के कारण किन्नौर जिले के एक दर्जन रूटों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों की आबादी को आवाजाही करने में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं। जिले के रोघी, बारंग, कुन्नोचारंग, ठंगी, नेसंग, छितकुल, यांगपा, छोटा कंबा, हांगो, लिप्पा आसरंग, बरी यूला, चांसू रूट पर भारी बर्फभारी के कारण फिसलन और कई जगह दीवारों के ढह जाने से निगम की बसों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है। ग्रामीण अपनी जरूरत का सामान लेने के लिए निजी वाहनों में अधिक किराया खर्च कर सफर करने को मजबूर हैं।
कांग्रेस जिला प्रवक्ता डॉ. सूर्या बोरस के अनुसार प्रदेश की भाजपा सरकार की नाकामियों के चलते किन्नौर में बीते दो माह से सड़क, बिजली और पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं। जिले की सड़कें बहाल न होने के कारण ग्रामीण परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह गुलेरिया, अधिशासी अभियंता भावानगर आरएल चौहान ने बताया कि जिले में इस वर्ष बार-बार हो रही बर्फबारी के कारण सड़कों को बहाल करने में समय लग रहा है। विभाग ने बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए मशीनें और मजदूर तैनात किए हैं।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के आरएम अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी सुजान सिंह नेगी ने कहा कि सड़कों पर पड़ी भारी बर्फ के कारण हो रही फिसलन और कई जगह पर डंगे गिरने के कारण बसों के रूट प्रभावित हो रहे हैं।