अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रामपुर की शिंगला पंचायत में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम करवाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से करवाए गए कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने भागेदारी सुनिश्चित की। इस दौरान रैली भी निकाली गई। एसीजेएम निखिल अग्रवाल ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि गर्भ में पल रहे नवजात की जांच करना कानूनन अपराध है। ऐसा करने पर स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। क्लीनिक पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
अग्रवाल ने कहा कि ऋगवेद काल में महिलाओं की स्थिति सबसे बेहतर थी। उस समय महिलाओं को पढ़ने, ग्राम सभा में वोट देने और यहां तक की महिलाएं घर भी चलाती थीं। बाद में महिलाओं से ये सभी अधिकार छीन लिए गए और उनकी स्थिति लगातार दयनीय होती गई। अब महिलाओं की स्थिति पहले से बेहतर है। आज महिलाएं शिक्षा, खेल, राजनीति सहित अन्य क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर देश का निर्माण कर रही हैं।
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महिलाओं को समझाया घरेलू हिंसा अधिनियम
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को 125 सीआरपीसी, घरेलू हिंसा अधिनियम, 2013 प्रिवेंशन प्रोहेबिशन एंड रिड्रेसल एक्ट और आईपीसी 1860 जैसे अधिनियमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब या पात्र व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता ले सकता है। इसके लिए प्रदेश के कोर्ट परिसर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक वकील और एक पैरावॉलंटियर को तैनात किया गए हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति, 18 वर्ष से कम आयु वर्ग और ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है वो इसकी मदद ले सकते हैं। उन्होंने सभी महिलाओं को अंतरष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी।
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पुरुषों के बराबर हैं महिलाएं : विमला
पंचायत प्रधान विमला शर्मा ने भी कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को भी महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज घर से लेकर देश संभालने में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं।