बिगड़ते मौसम से फ्लावरिंग को लेकर बागवान चिंतित
फलदार पेड़ों के लिए बारिश होती है नुकसानदायक साबित
अर्ली वैरायटी के पलम के पेड़ों में आई है बंपर फ्लावरिंग
तिलक राज कायथ
रामपुर बुशहर। मौसम के बदलते तेवरों को देख इलाके के किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ती ही जा रही है। बागवानों की सालभर की मेहनत पेड़ों मेें फ्लावरिंग के शुरूआती दौर पर ही टिकती है। यदि फ्लावरिंग के दौरान मौसम अनुकूल नहीं रहता तो इससे फसलें काफी ज्यादा प्रभावित होती हैं। ऐसे में बिगड़ते मौसम और बारिश के कारण स्टोन फ्रूटों में आ रही फ्लावरिंग पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
आए दिन हो रही बारिश पलम, बादाम, खुमानी, चुली और आडूू सहित अन्य फलदार पेड़ों के लिए नुकसानदायक है। लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश से तापमान काफी लुढ़क गया है। इन दिनों निचले क्षेत्रों में अर्ली वैरायटी के पलम की फ्लावरिंग का दौर शुरू हो चुका है।
फ्लावरिंग स्टेज में मौसम अनुकूल रहना चाहिए। मौसम गर्म होने से फूल की परागण क्रिया अच्छी होती है। यदि मौसम ठंडा ही रहा तो फूलों की सेटिंग नहीं हो पाएगी और फसलों का उत्पादन गिर जाएगा। ऐसे में झमाझम बारिश होने से बागवानों की बंपर फसल होने की उम्मीद टूटती दिख रही है। इस वर्ष जनवरी और फरवरी के पहले सप्ताह में जिस तरह से बर्फबारी और बारिश हो रही थी। इसे लेकर बागवान काफी खुश थे कि इस वर्ष सेब के अलावा पलम की फसलें भी बंपर होगी लेकिन लगातार मौसम बरसने से निचले क्षेत्रों में पलम की अर्ली वैरायटी की फसल पर संकट का दौर शुरू हो गया है। यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल नहीं रहा तो पूरी फसल भी चौपट हो सकती है।
इस संबंध में प्रगतिशील बागवान सरस्वती ठाकुर, योगराज ठाकुर, देवेंद्र कायथ, मोहन सिंह, ईश्वर सिंह, सुरेंद्र कुमार, अनिल, सतीश, राकेश और विजय गोस्वामी सहित अन्य बागवानों के अनुसार पलम की अर्ली वैरायटी के पौधों में फ्लावरिंग पूरे शबाब पर है। ऐसे में मौसम के मिजाज ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कभी सूखा तो कभी अत्यधिक बारिश से सालभर की मेहनत पर पानी फिर जाता है।