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जिले की ऊंची चोटियों में फिर हिमपात का दौर शुरू

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जिले की ऊंची चोटियों पर फिर हिमपात, नहीं खुला एनएच पांच
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एनएच समेत अधिकांश ग्रामीण रूटों पर थमे वाहनों के पहिये
जिले के हजारों लोगों की परेशानियां थमने का नहीं ले रहीं नाम
पूह-काजा का कटा संपर्क, जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में लोगों की परेशानियां थमने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। मौसम की मार लगातार जिले के लोगों पर कहर बरपा रही है। किन्नौर में एनएच पांच बंद होने से लोग ट्रांसमिट होकर अपने गंतव्य पहुंच रहे हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। जिले में रविवार सुबह से फिर एक बार हिमपात का दौर शुरू हुआ। जिले की ऊंची चोटियों में हिमपात और निचले क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहा। इसके चलते जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
रविवार को कल्पा का अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री और न्यूनतम माइनस 2.0 डिग्री सेल्यिसय दर्ज किया गया, जबकि प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 1 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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वहीं, रिकांगपिओ से पूह-काजा की ओर टिंकू नाला सहित स्पीलो तक जगह-जगह हिमखंड और भारी चट्टानों के खिसकने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच बाधित रहा। पूह-काजा का देश दुनिया से संपर्क कटा हुआ है। एनएच पांच पर खारो तक ही निगम की बसों की आवाजाही हो सकी है। इसके अलावा जिले के अधिकांश ग्रामीणों रूटों पर वाहनों के पहिये थमे रहे। हालांकि जिला मुख्यालय रिकांगपिओं से शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हुई।
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उधर, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर के अनुसार रविवार को जिले के कल्पा, सांगला, पांगी, चगांव, उरनी, और कानम आदि ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों को भेजा गया, जबकि जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर फिसलन के चलते निगम की बसें नही भेजी गईं। वहीं पूह-काजा की तरफ बसों को खारो से ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। शिमला की ओर बराबर आवाजाही हो रही है।
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