बर्फबारी के बाद शीतलहर की चपेट में आया किन्नौर
एनएच समेत संपर्क मार्गों पर जगह-जगह ल्हासे गिरे, ग्रामीण परेशान
सीमा सड़क संगठन, एनएच प्राधिकरण मार्ग को बहाल करने में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर एकबार फिर से शीतलहर की चपेट में आ गया है। बुधवार देर रात से जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से समूचा क्षेत्र ठंड की चपेट में आने से लोगों की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं। वहीं एनएच समेत कई संपर्क मार्गों पर ल्हासे गिरने से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
शुक्रवार को जिला में आसमान में बादलों और धूप के बीच आंख मिचौली चलती रही। कल्पा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 6 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री दर्ज किया गया। जिले में एनएच पंाच पर चौरा से लेकर पूह-काजा की कांशग नाले तक कई जगहों पर जगह-जगह ल्हासे गिरे, जिसके चलते ग्रामीणों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।
सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन और नेशनल हाईवे प्राधिकरण की दस मशीनों ने चौरा से लेकर टिंकू नाले तक कार्य करते भारी भरकम चट्टानों को हटाया। अब सीमा सड़क संगठन की चार मशीनें और मजदूर टिंकू नाले में गिरे हिमखंडों को हटाकर अवरुद्ध हुए मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने कहा कि पांगी नाले से लेकर पूह-काजा की तरफ जवान और मशीनें मार्ग को बहाल करने में जुटे हुए हैं। देर शाम तक अवरुद्ध हुए मार्ग को बहाल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
एनएच के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता के अनुसार सुबह 11 बजे तक चौरा से पोवारी के बीच जगह-जगह गिरे ल्हासों और चट्टानों को हटाकर चौरा से कल्पा तक यातायात बहाल किया गया है। पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी ने कहा कि शुक्रवार को कल्पा, रल्ली, पांगी, चगांव और उरनी तक ही निगम की बसों की आवाजाही करवाई गई। रिकांगपिओ से पूह-काजा की तरफ जगह-जगह नालों में आए हिमखंडों के चलते राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर पूह-काजा की तरफ निगम के बसों को नहीं भेजा गया। वहीं जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही करवाई जा रही है।