रोहडू। छौहारा विकास खंड के सबसे दुर्गम गांव जांगलिख में फाग मेला शनिवार को आरंभ हो गया है। मेले में शनिवार को बर्फ के गोले मारकर देवता के अभिनंदन करने की मुख्य रस्म निभाई गई। इस अनूठे फाग मेले को देखने भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। मेले का समापन सोमवार को होगा। बसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाने वाला अनूठा फाग मेला शनिवार को आरंभ हुआ।
मेले के पहले दिन विशेष रूप से बैतियानी गांव के लोगों ने मंदिर में बर्फ के गोले मारकर देवता का अभिनंदन किया। बैतियानी गांव के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मेले में शिरकत की और इस मुख्य रस्म को पूरा किया। दिन भर स्थानीय लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरकते रहे। मेहमानों की खातिरदारी पारंपरिक एवं अनूठे व्यंजनों से जमकर की गई। तीन दिनों तक गांव में मेहमान नवाजी का दौर चलेगा। जांगलिख के साथ साथ गोक्सवाड़ी, तांगणू, पेखा व दिऊदी गांव में भी पारंपरिक फाग मेला धूम धाम से मनाया गया।
देवता साहिब जाख जांगलिख के मोतमीन रोशन लाल ने बताया कि फाग मेला कई सदियों से उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शनिवार को मेले की मुख्य रस्म निभाई गई। जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग गांव में मौजूद रहे। देवता जाख के आह्वान पर आयोजित फाग मेला सोमवार को संपन्न होगा। पारंपरिक रुप से मेले का आयोजन देवता के निर्देशानुसार किया जाता है।