सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त पड़ा है। बर्फबारी और बारिश से समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। जिले के सभी ग्रामीणों रूटों पर वाहनों के पहिये थमे हुए हैं। ग्रामीणों को मीलों पैदल सफर कर अपने गंतव्य पहुंचना पड़ रहा है। हालांकि शुक्रवार शाम को 7 बजे जिले में एनएच पांच पर आए तीन हिमखंडों को सीमा सड़क संगठन ने युुद्धस्तर पर कार्य कर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। लोगों ने पूह-काजा की ओर वाहनों की आवाजाही शुरू होने से राहत की सांस ली है।
बीते गुरुवार से भारी बर्फबारी के चलते जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के सभी ग्रामीणों रूट यातायात के लिए बाधित हो गए हैं। जिले की 65 पंचायतों के हजारों लोग बिजली, पानी और सड़क सुविधा से वंचित हैं।
वहीं जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह की तरफ वीरवार रात से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पर जंगी नाला, टिंकू नाला और भगत नाले में हिमखंडों के आने से एनएच पर वाहनों के पहिये थम गए थे। सीमा सड़क संगठन ने युद्धस्तर पर कार्य कर अवरुद्ध हुए मार्ग को शुक्रवार शाम 7 बजे बहाल कर दिया है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने बताया कि पूह-काजा की तरफ शुक्रवार देर शाम 7 बजे एनएच को बहाल कर दिया है। अब पूह-काजा की ओर यातायात बहाल कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग भावानगर के अधिशासी अभियंता आरएल चौहान और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी के अनुसार जिले भर में बर्फबारी से बाधित सड़कों की बहाली के लिए विभाग की 21 जेसीबी मशीनें और करीब 400 मजदूर जुटे हुए हैं। वहीं पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी गोपाल नेगी के अनुसार रिकांगपिओ से खाब तक निगम की बसें भेजी जा रही है। जिले के सभी ग्रामीणों रूटों पर भारी बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम की बसें नहीं भेजी गई। रिकांगपिओ से शिमला की ओर बसों की आवाजाही बराबर हो रही है।