सांगला(किन्नौर)। 33 घंटे से खंड के टिंकू नाला के पास बंद पड़ा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पूह शनिवार देर शाम को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। शुक्रवार को नेशनल हाईवे पांच पर बड़े पैमाने पर ग्लेशियर आने से पूह काजा का संपर्क देश दुनिया से कट गया था। सीमा सड़क संगठन ने जान जोखिम में डाल युद्धस्तर पर कार्य कर एनएच को यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
सीमा सड़क संगठन की 4 मशीनें और 100 मजदूर एनएच को बहाल करने में जुटे रहे। उन्होंने युद्ध स्तर पर कार्य कर उक्त सड़क पर पड़े 130 मीटर लंबे ग्लेशियर को शनिवार देर शाम को यातायात के लिए खोल दिया है। मार्ग खुलते ही शिमला और रिकांगपिओ की ओर से काजा और पूह की तरफ वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। मार्ग बहाल होते ही पूह खंड के सुमरा, शलखर, चांगो, नाको, हांगो, नमज्ञा, लियो और पूह खंड की हजारों की आबादी वालेे लोगों सहित स्पीति वैली के काजा के लोगों ने राहत की सांस ली है। पूह के प्रधान सुमन साना, उपप्रधान सुशील साना, कर्ण लोक्टस, राजेंद्र लामा, संजीव नेगी, सुनील नेगी, रामजगत नेगी, चंद्र कीर्ती नेगी, ज्ञान चंद नेगी, मोती नेगी और दावा छेरिंग नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि भारी बर्फबारी के बीच भी सीमा सड़क संगठन के जवानों जान हथेली पर रखकर ग्लेशियर से बंद पड़े एनएच पांच को बहाल किया है।
सीमा सड़क संगठन के ओसी डीके राघव ने अवरुद्ध हुए मार्ग को बहाल करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच जान की परवाह न करते हुए मार्ग को खोल दिया है। अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर काजा तक वाहनों की आवाजाही बराबर हो रही है।
अब काजा से शिमला और रिकांगपिओ तक जा रहीं बसें
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और अड्डा प्रभारी खीमीराम ठाकुर ने बताया कि पूर्व में निगम की बसों की आवाजाही टिंकू नाले तक ही करवाई जा रही थी। लेकिन अब मार्ग बहाल होते जिला मुख्यालय रिकांगपिओ और शिमला से काजा की तरफ एवं काजा से शिमला और रिकांगपिओ की तरफ निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।